सतना

बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही होगा किसानों का पंजीयन, धान खरीदी के लिए सरकार ने बनाई ये नई व्यवस्था

समर्थन मूल्य: व्यापक पैमाने पर गड़बड़झाला उजागर होने के बाद शासन ने किसानों के पंजीयन के लिए नई व्यवस्था तय कर दी है।

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Aug 12, 2018
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रमाशंकर शर्मा @ सतना। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में गत वर्ष व्यापक पैमाने पर गड़बड़झाला उजागर होने के बाद शासन ने किसानों के पंजीयन के लिए नई व्यवस्था तय कर दी है। अब किसानों का पंजीयन संबंधित खरीदी केन्द्र में ही हो सकेगा। पंजीयन के पहले बायोमैट्रिक (फिंगर प्रिंट) सत्यापन होगा। यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है कि खरीदी केंद्रों द्वारा किसानों का फर्जी तरीके से पंजीयन करते हुए उनके नाम से फर्जी भुगतान लिया जाता था।

पंजीयन की तिथि 11 अगस्त निर्धारित

पंजीयन की तिथि 11 अगस्त निर्धारित की गई थी लेकिन जिले में संबंधित विभाग की ओर से आवश्यक प्रक्रिया नहीं किए जाने से अभी पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो सकी है। खरीदी केन्द्रों द्वारा भी अभी तक फिंगर प्रिंट मशीन नहीं ली जा सकी है। डीएसओ कार्यालय में समितियों के आपरेटरों का रजिस्ट्रीकरण तक नहीं हो पा रहा है।

आधार संस्था यूआईडीएआई द्वारा प्रमाणित

पंजीयन की नई व्यवस्था के संबंध में इस बार कलेक्टर को बताया गया कि नई प्रक्रिया के तहत केन्द्रों में बायोमेट्रिक डिवाइस की व्यवस्था संबंधित पंजीयन समिति द्वारा तत्काल कराया जाए। यह खरीदी पंजीयन केन्द्र द्वारा ही की जाएगी। यह बायोमैट्रिक मशीन आधार संस्था यूआईडीएआई द्वारा प्रमाणित होगी। इन मशीनों का उपयोग करने से पहले एनआईसी द्वारा सत्यापन कराना होगा।

डीएसओ दफ्तर में खेल
धान खरीदी करने वाली समितियों के आपरेटरों को यूजर आईडी और पासवर्ड इस बार डीएसओ लॉगिन से दिया जाना है। इसके लिये जिला खाद्य अधिकारी कार्यालय में यह काम किया जा रहा है। लेकिन समितियों के ऑपरेटरों को लगातार परेशान किए जाने की जानकारी सामने आई है।

आईडी पासवर्ड जनरेट करने की प्रक्रिया

बताया गया है कि यहां पदस्थ कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा समितियों के ऑपरेटर्स के पंजीयन और आईडी पासवर्ड जनरेट करने की प्रक्रिया में लगातार बैठाए रखा जाता है। कभी सर्वर फेल होने या अन्य कारण बताकर परेशान किया जाता है। इसके साथ ही इस काम के लिये 500 से 1000 रुपये लिये जा रहे हैं। इसकी पुष्टि कई ऑपरेटरों ने की है।

रिजेक्ट स्कंध अपग्रेड करने के निर्देश
सतना सहित 22 जिलों से चना, मसूर एवं सरसों खरीदी के अस्वीकृत स्कंधों को लेकर शासन स्तर से आपत्ति जताई गई है। कहा गया है कि अस्वीकृत स्कंध अपग्रेड कराकर जमा नहीं कराने के कारण किसानों का भुगतान लंबित है। जिससे किसानों की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही है।

दोषियों पर राशि वसूली की कार्यवाही

इस मामले में कलेक्टर से कहा गया है कि वे चना, मसूर एवं सरसों के अस्वीकृत स्कंध को अपग्रेड कराकर तत्काल जमा कराएँ। तथा इस मामले के दोषियों पर राशि वसूली की कार्यवाही भी की जाए। कलेक्टर को इस संबंध में संबंधित पक्षों के मध्य समन्वय के लिये नोडल अधिकारी नियुक्त कर तीन दिन में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

Published on:
12 Aug 2018 05:43 pm