कलेक्टर ने चुनावी छुट्टियों के लिए मेडिकल बोर्ड किया अनिवार्य, कहा मेडिकल में अनफिट मिले तो विभाग को नौकरी के लिये लिखेंगे अनफिट
सतना। जिला निर्वाचन अधिकारी मुकेश शुक्ला ने चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने लग रही लंबी कतार को गंभीरता से लिया है। इसके साथ ही उन्होंने ऐसे आवेदकों का पृथक से स्वास्थ्य परीक्षण के लिये मेडिकल बोर्ड भी गठित कर दिया है। अब इन आवेदकों का स्वास्थ्य परीक्षण चिकित्सकों की टीम करेगी और उसमें अनफिट मिलने पर विभाग को भी यह लिख कर दिया जाएगा कि यह कर्मचारी/अधिकारी नौकरी के लिए अनफिट है।
जिले में मतदान कर्मियों की ड्यूटी के लिए कर्मचारियों की संख्या कम हो रही है मजबूरी में शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की भी ड्यूटी आयोग के निर्देश पर लगाई जा रही है। इन विपरीत परिस्थियों के बीच लगातार कई कर्मचारी बीमारी के बेमानी बहाने बताते हुए अवकाश का आवेदन दे रहे हैं। इसकी जानकारी जैसे ही जिला निर्वाचन अधिकारी को लगी तो उन्होंने आनन फानन में सिविल सर्जन को निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा स्वयं की बीमारी का हवाला देने वाले आवेदकों का स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अलग से मेडिकल बोर्ड गठित करने के निर्देश दिए।
मेडिकल बोर्ड गठित
इस पर सिविल सर्जन ने डॉ. एनके शर्मा मेडिकल विशेषज्ञ, डॉ. पीके पाठक सर्जिकल विशेषज्ञ, डॉ. एसके जैन अस्थि रोग विशेषज्ञ, डॉ. आरजी चौरसिया नेत्र रोग विशेषज्ञ, डॉ. यूएस ठाकुर नाक कान गला रोग विशेषज्ञ, डॉ. रेखा त्रिपाठी स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ. अरुण त्रिवेदी आरएमओ को शामिल कर मेडिकल बोर्ड गठित किया है। जिसके अध्यक्ष सिविल सर्जन होंगे। अब इस बोर्ड द्वारा जब बीमारी का प्रमाण पत्र दिया जाएगा तभी किसी को अवकाश मिल सकेगा। साथ ही अगर बोर्ड द्वारा किसी को अनफिट बताया जाता है तो उसे नौकरी के लिए भी अनफिट मानते हुए विभाग को लिखा जाएगा।
स्वास्थ्यगत कारणों का हवाला देकर कई अवकाश आवेदन आए हैं। इनके लिए पृथक मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया गया है। यदि बोर्ड इन्हें अनफिट करता है तो संबंधित विभाग को भी नौकरी के लिये अनफिट होने लिखा जाएगा।
मुकेश शुक्ला, जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना