सतना

मनरेगा, PM किसान, आयुष्मान, पीएम आवास योजना से कटेंगे कई नाम !

MP News: प्रदेश में पहली बार होने जा रहे इस तरह के सर्वे के दौरान सरकारी योजनाओं में पात्र लाभार्थियों की वास्तविक पहचान का अध्ययन किया जाएगा...
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Jan 11, 2026
Fake beneficiaries
Fake beneficiaries (फोटो सोर्स: पत्रिका)

MP News: भारत के महालेखापरीक्षक केन्द्र सरकार की 9 योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का लाभार्थी स्तर पर परीक्षण करने जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में इसकी पायलट स्टडी के लिए सतना, बुरहानपुर और दतिया जिले का चयन किया गया है। प्रदेश में पहली बार होने जा रहे इस तरह के सर्वे के दौरान सरकारी योजनाओं में पात्र लाभार्थियों की वास्तविक पहचान का अध्ययन किया जाएगा साथ ही योजना में लाभार्थियों के गलत समावेश की भी पहचान की जाएगी। योजनाएं से फर्जी लाभार्थी बाहर होंगे।

चेक की जाएगी लाभार्थियों की स्थिति

इस सर्वे के लिए प्रधान के महालेखाकार कार्यालय की ओर से दो सदस्यीय विशेषज्ञ दल सतना पहुंच चुका है। विशेषज्ञ दल की निगरानी में नियुक्त की गई सर्वेक्षण एजेंसी इसका - भौतिक परीक्षण करेगी। महालेखापरीक्षक ने मनरेगा, पीएम किसान, आयुष्मान, प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ भारत मिशन, उज्जवला सहित केन्द्र प्रायोजित योजनाओं का लाभार्थी स्तर पर जमीनी क्रियान्वयन का परीक्षण किया जाएगा।

देखा जाएगा कि पात्र लाभार्थियों की क्या स्थिति है। गलत लाभार्थी तो शामिल नहीं हैं । लाभार्थियों और लाभ में क्या मध्यस्थ है और उनकी भूमिका क्या ? निर्मित परिसंपत्तियों (घर, शौचालय) के अस्तित्व और उपयोग की स्थिति क्या हैं आदि देखे जाएंगे।

योजना के डेटाबेस से लाभार्थी का सत्यापन

सर्वेक्षण एजेंसी संबंधित योजनाओं के डेटाबेस के आधार पर परिणामों की पुष्टि के लिए लाभार्थी के यहां जाकर सर्वे करेगी। जिसका विश्लेषण करने के बाद योजनाओं को लेकर आगे की स्थितियों पर निर्णय लिया जा सकेगा। सतना जिले में इस टीम का क्वार्डिनेशन जिला पंचायत सीईओ कर रहे हैं।

हालांकि टीम किसी योजना का परीक्षण करने किस लाभार्थी का चयन कर रही है यह किसी से साझा नहीं कर रही है। सर्वे टीम चिन्हित लाभार्थियों का परीक्षण करने मैदानी स्तर पर बिना किसी जानकारी के पहुंच रही है।

Updated on:
11 Jan 2026 12:26 pm
Published on:
11 Jan 2026 12:26 pm