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MP News: मध्य प्रदेश के सतना में बैंकों की परामर्श दात्री एवं समीक्षा समिति की बैठक में लीड बैंक मैनेजर गौतम शर्मा ने बताया कि ऐसे लोग जिनकी वार्षिक आय 9 लाख रुपए से कम है और 25 लाख या उससे कम का होम लोन लिया है उन्हें सालाना 1.80 लाख रुपए का ब्याज अनुदान मिलेगा। इस ब्याज अनुदान योजना का लाभ सितंबर 2024 के बाद होम लोन लेने वालों को मिलेगा।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने जिले में योजना के पात्रों की संख्या पूछी, जिस पर बताया गया कि इस दायरे में सतना जिले के लगभग 500 ऋणधारक है। इसमें से 48 लोगों को योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है। इन्हें ब्याज पर 1.80 लाख रुपए की छूट योजना के तहत मिलने लगी है। कलेक्टर ने सभी पात्र लोगों को योजना के लाभ से जोड़ने के निर्देश दिए। इस दौरान जिपं सीईओ शैलेन्द्र सिंह, आरबीआई भोपाल के जिला अग्रणी अधिकारी विनय मोरे सहित सभी बैंकों के बैंक मैनेजर और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
हालांकि समीक्षा के दौरान एक बैंक प्रबंधक ने बताया कि व्याज अनुदान योजना में हितग्राही को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई थी। लेकिन जब इस योजना की फीडिंग की जाती है तो हितग्राही महिला नहीं होती है तो केस आगे नहीं बढ़ता है। लिहाजा योजना के लाभ महिला हितग्राही या फिर महिला सहखातेदार होने पर ही मिल पा रहा है। कलेक्टर ने इस मामले में शासन स्तर से मार्गदर्शन लेने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान कहा कि पशुपालकों के लिए शुरू कामधेनु योजना के प्रकरण विभाग ने प्रस्तुत कर दिए हैं लेकिन ऋण वितरण की स्थिति न के बराबर है। एलडीएम ने कहा कि जल्द ही इंक्वायरी प्रोसेस पूरी की जाकर ऋण वितरण प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएमएफएमई योजना की धीमी प्रगति पर असंतोष जताया।
बैठक में जमा ऋण अनुपात (सीडी रेसियो) की समीक्षा की गई। नियमानुसार यह 60 फीसदी होना चाहिए, लेकिन कई बैंकों का काफी कम मिला। इसे सुधारने के निर्देश दिए गए। जिन बैंकों का जमा ऋण अनुपात कम रहा उनमें कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल रहे।
Updated on:
25 Feb 2026, 8:11 AM IST
Published on:
25 Feb 2026, 8:11 AM IST
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