फ्लाईओवर बनने का रास्ता साफ, रायगढ़ से सतना के लिए ऑयरन गर्डर रवाना शहरवासियों में फिर जगी उम्मीद, गर्डर लॉन्च मशीन पहुंची
सतना. शहर में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के सेमरिया चौक हिस्से पर बहुप्रतीक्षित निर्माण कार्य के शीघ्र प्रारंभ होने की संभावना फिर बन गई है। रायगढ़ के जिंदल फैब्रिकेशन से लगभग 60 की संख्या में गर्डर सतना के लिए रवाना हो गए हैं। इन गर्डर को लॉन्च करने के लिए मशीनें (क्रोलर क्रेन) सतना पहुंच गई हैं। जल्द ही दिल्ली और हरियाणा से इस काम को करने वाली टीम भी सतना पहुंच जाएंगी।
बता दें कि सेमरिया चौक के तीनों ओर फ्लाईओवर का ज्यादातर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सेमरिया चौक पर बाबा साहब आम्बेडकर की प्रतिमा को हटाने के विरोध के चलते काम नहीं हो सका था। प्रतिमा स्थल पर पिलर लगना था, लेकिन कुछ राजनीतिक लोगों ने इसका विरोध कर दिया था। लिहाजा, काम विलंबित होता चला गया। ऐसे में दो पिलर के बीच दूरी बढ़ने से यहां लोहे के गर्डर लगाना तय किया गया। इसके लिए नई ड्राइंग डिजाइन तैयार की गई। इससे इसकी लागत तो बढ़ी ही साथ ही गर्डर तैयार करने में वक्त लगा। अब रायगढ़ के जिंदल फैब्रिकेशन प्लांट ने गर्डर बनाकर सतना के लिए रवाना कर दिए हैं। 18 नवंबर तक सतना पहुंच जाएंगे। इधर इन गर्डर को पिलर पर चढ़ाने वाली क्रोलर क्रेन सतना पहुंच गई है।
740 रिपिड से जुड़कर तैयार होगा एक गर्डर
आम्बेडकर प्रतिमा के कारण दो पिलर के बीच की दूरी 18 मीटर है। जो गर्डर आ रहे हैं वे 6 मीटर लंबे हैं। इस तरह से तीन पीस को जोड़ कर एक गर्डर तैयार किया जाएगा। एक गर्डर से दूसरे गर्डर को जोड़ने के लिए 18 मिली मीटर मोटे 740 रिपिड इस्तेमाल किए जाएंगे। सेमरिया चौक के ऊपर इस्तेमाल होने वाले सभी गर्डर का कुल वजन 1089 टन है। गर्डर की कुल लागत 13.40 करोड़ बताई गई है। गर्डर को पिलर पर लॉन्च करने की लागत 2.16 करोड़ है। अगर गर्डर की लॉन्चिंग दिन-रात होती तो यह लागत 1.60 करोड़ होती। लेकिन, दिन के ट्रैफिक को देखते हुए पूरा काम रात को होगा।
दिसंबर अंत तक पूरा हो जाएगा काम
बताया जा रहा कि गर्डर लॉन्चिंग का काम दिसंबर पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगा। यह काम दिसंबर अंत तक पूरा हो जाएगा। इस दौरान एक साइड का ट्रैफिक रोका जाएगा। प्रदेश में गर्डर लॉन्चिंग करने वाली कोई टीम नहीं है। लिहाजा दिल्ली और हरियाणा से यह टीम बुलाई जा रही है।