सतना

13 साल बाद जेल से ‘लखपति’ बनकर बाहर निकले चार सगे भाई

MP News: 15 अगस्त पर केंद्रीय जेल सतना से चार सगे भाई रिहा हुए। खास बात यह है कि ये बाकि कैदियों की तरह सिर्फ आजाद ही नहीं हुए बल्कि जेल से लखपति बनकर अपने घर लौटे हैं।
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Aug 16, 2025
Satna Jail
Satna Jail (फोटो सोर्स : पत्रिका)

MP News: शुक्रवार को देशभर में 79वें स्वतंत्रता दिवस को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान एमपी की जेल में बंद 156 कैदियों को जेल विभाग की नीति के तहत आजाद किया गया। इनमें सतना जेल के कैदी भी शामिल थें। 15 अगस्त पर केंद्रीय जेल सतना से चार सगे भाई रिहा हुए। खास बात यह है कि ये बाकि कैदियों की तरह सिर्फ आजाद ही नहीं हुए बल्कि जेल से लखपति बनकर अपने घर लौटे हैं। ये चारों हत्या के जुर्म में 13 सालों से जेल में सजा काट रहे थें।

13 साल से जेल में काट रहे थे सजा

जानकारी के मुताबिक, छतरपुर के छुलहा गांव के रहने वाले कृपाल यादव, भागवत यादव, गोपाल यादव और राजू यादव को हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। साल 2010 में जमीन को लेकर चारों भाइयों का पड़ोसी टिकरी गांव के लोधी परिवार से विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। इस मारपीट में लोधी परिवार के दादू लोधी, राजाराम लोधी और राम लोधी की मौत हो गई, जिसका इल्जाम यादव भाइयों पर आया। 8 अगस्त 2012 को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

रिहाई पर मिला पारिश्रमिक

जेल में कैदियों से काम कराया जाता है, जिसके बदले उन्हें पारिश्रमिक दी जाती है। 13 साल से जेल में चारो भाइयों ने विभिन्न कार्यों में हिस्सा लिया, जिसके बदले उन्हें करीब 3 लाख रुपये पारिश्रमिक के रुप में दिए गए। प्रशासन द्वारा रिहाई के दिन ये पैसे उन्हें दिए गए।

किस जेल से कितने कैदी आजाद

  • भोपाल से 25
  • रीवा से 19
  • सतना से 17
  • ग्वालियर से 16
  • जबलपुरसे 14
  • उज्जैन से 14
  • सागर से 14
  • नर्मदापुरम से 11
  • इंदौर से 10
  • नरसिंहपुर से 06
  • बड़वानी से 03
  • टीकमगढ़ से 02
  • इंदौर जिला जेल से 02
  • देवास से 1
  • पवई, सब जेल से 01
  • बंडा, सब जेल से 01
Updated on:
16 Aug 2025 12:31 pm
Published on:
16 Aug 2025 12:31 pm