सिटी में बढ़ रही जोड़ों के दर्द से परेशान मरीजों की संख्या
सतना. बॉडी के ऐसे हिस्से जहां हड्डियां आपस में मिलती हों, जोड़ कहलाते हैं। जैसे घुटने, कोहनी, कंधे। इसमें किसी तरह के दर्द को जॉइंट पेन कहते हैं। इन दिनों यह प्रॉब्लम आम हो चुकी है। लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते, जिसकी वजह से समस्या और गंभीर हो जाती है। शरीर में वैसे तो हर पार्ट महत्वपूर्ण होता है इसलिए किसी भी अंग के प्रति लापरवाही करना ठीक नहीं है। जोड़ शरीर का अहम हिस्सा होते हैं जिनके कारण बैठना, उठना, चलना, शरीर को मोडऩा आदि मुमकिन होता है। ऐसे में इन जोड़ों में दर्द होने पर पूरे शरीर का स्वास्थ्य प्रभावित होता है और दर्द के साथ ही मानसिक रूप से थकावट भी महसूस होती है। सिटी जुम्मा एक्सपर्ट आशीष तिवारी के अनुसार जुम्बा एक्सरसाइज फिटनेस के लिए तो की ही जाती है पर जुम्बा के कुछ पॉश्चर से ज्वाइंट पेन से भी रिलीफ मिल सकता है। इसलिए आप भी जानें कि कौन से पॉश्चर से बॉडी के किस ज्वाइंट पेन से मिलेगा रिलीफ।
ज्वाइंट पेन के लक्षण
जोड़ों को मोडऩे में परेशानी होना।
जोड़ों का लाल होना।
जोड़ों में खिंचाव महसूस होना।
जोड़ों पर कठोरता होना।
जोड़ों में अकडऩ आना।
जोड़ों में सूजन और दर्द।
जोड़ों में कमजोरी होना ।
ज्वॉइंट पेन की वजह
बढ़ती उम्र के साथ ही होने वाली कुछ तकलीफे जोड़ों में दर्द की मुख्य कारण होती हैं। जैसे की हड्डियों में रक्त की आपूर्ति में रुकावट आना, रक्त का कैंसर होना, हड्डियों से मिनरल यानी खनिज की कमी होना। जोड़ों पर बहुत ज्यादा दबाव पडऩा। जोड़ों में इंफेक्शन होना। हड्डियों का टूटना या चोट लगना।
अर्धपवन पॉश्चर
जुम्बा का यह पॉश्चर घुटनों के दर्द और कमर दर्द के लिए बेहद ही फ ायदेमंद है। इससे जोड़ों की मांसपेशियां तंदुरुस्त होती हंै।
वीरभद्र पॉश्चर
इस जुम्बा पॉश्चर से हिप, शोल्डर और स्पाइन के ज्वाइंट पेन से राहत मिलेगी।
भुजंग पॉश्चर
कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी के लचीलापन को बढ़ाकर स्पॉन्डिलाइटिस के इलाज के लिए बेहतर होता है।
वृक्ष पॉश्चर
यह स्पाइन की जोड़ों के साथ साथ पैरों के जोड़ों को हेल्दी और पेन फ्री करता है।