मध्यप्रदेश के इन शहरों में कब दिखेगा चंद्रमा, पंचांग के अनुसार जानें करवा चौथ की पूजा
सतना। 'करवा चौथ' (karwa chauth) का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस पर्व को मध्यभारत में संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी भी कहा जाता है। 'करवा चौथ' (karwa chauth) ये वही पर्व जिसका विवाहित स्त्रियां सालभर इंतजार करती हैं और सभी विधियों को बड़े श्रद्धा-भाव से पूरा करती हैं।
शास्त्रों में बताया गया है कि करवा चौथ का त्योहार पति-पत्नी के मजबूत रिश्ते, प्यार और विश्वास का प्रतीक माना गया है। इस दिन महिलाएं सोलह शृंगार कर चांद का अघ्र्य देकर पति के दीर्घायु की कामना करेंगी। इसी तैयारी में शुक्रवार देर रात तक महिलाओं की खरीदारी जारी रही। कुछ ने मेहंदी रचाई तो कुछ ने प्रीब्यूटी ट्रीटमेंट लिया।
चंद्रमा के उदय होने का समय
हिन्दू कैलेंडर यानी कि पंचांग में ज्योतिषिय गणना की मदद से करवा चौथ पर चंद्रमा के उदय होने का समय निकाला जाता है। ज्योतिर्विद पं. मोहनलाल द्विवेदी के अनुसार पूजा मुहूर्त- सायंकाल 6:35- रात 8:00 तक पूजन करें। परंतु अघ्र्य 8 बजे के बाद दे। चंद्रोदय- सायंकाल 7:38 बजे के बाद होगा। चतुर्थी तिथि आरंभ- 27 अक्टूबर को रात में 07:38 बजे से होगी। बता दें कि, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ का व्रत किया जाता है। कार्तिक मास की चतुर्थी जिस रात रहती है उसी दिन करवा चौथ का व्रत किया जाता है। इस साल यह व्रत आज यानी की शनिवार 27 अक्टूबर को पड़ रहा है।
करवा चौथ की कैसे करें पूजा
चंद्रमा, शिव, पार्वती, स्वामी कार्तिकेय और गौरा की मूर्तियों की पूजा षोडशोपचार विधि से विधिवत करके एक तांबे या मिट्टी के पात्र में चावल, उड़द की दाल, सुहाग की सामग्री, जैसे- सिंदूर, चूडियां, शीशा, कंघी, रिबन और रुपया रखकर उम्र में किसी बड़ी सुहागिन महिला या अपनी सास के पांव छूकर उन्हें भेंट करनी चाहिए। सायं बेला पर पुरोहित से कथा सुनें, दान-दक्षिणा दें। तत्पश्चात रात्रि में जब पूर्ण चंद्रोदय हो जाए तब चंद्रमा को छलनी से देखकर अघ्र्य दें। आरती उतारें और अपने पति का दर्शन करते हुए पूजा करें। इससे पति की उम्र लंबी होती है। उसके बाद पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलें।
कब निकलेगा चंद्रमा
- भोपाल - रात 8 बजकर 03 मिनट पर
- इंदौर - रात 8 बजकर 11 मिनट पर
- ग्वालियर - शाम 7 बजकर 55 मिनट पर
- जबलपुर - शाम 7 बजकर 53 मिनट पर
- सतना - शाम 7 बजकर 53 मिनट पर
- रीवा - शाम 7 बजकर 54 मिनट पर