20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तत्काल ई-टिकट के नाम पर मध्यप्रदेश में बड़ा खेल, एक ऑपरेटर घर बैठे बना देता था देशभर की टिकट

तत्काल ई-टिकट की कालाबाजारी: 66 हजार रुपए की इ-टिकट के साथ आरोपी गिरफ्तार, रेल सुरक्षा बल ने रंगेहाथ पकड़ा

less than 1 minute read
Google source verification
tatkal e-ticket Big scam in Madhya Pradesh

tatkal e-ticket Big scam in Madhya Pradesh

सतना। रेलवे की तत्काल इ-टिकट की कालाबाजारी करने वाले एक दलाल को रेल सुरक्षा बल ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। सभापुर थाना के बिरसिंहपुर में शुक्रवार दोपहर 12 बजे कार्रवाई की गई। इस दौरान आरोपी के कब्जे से 66 हजार रुपए के इ-टिकट भी बरामद किए गए हैं। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसे शनिवार को रेल न्यायालय जबलपुर में पेश किया जाएगा।

ये है मामला
दरअसल, मुखबिर से रेल टिकट की दलाली करने वाले की सूचना मिलने पर आरपीएफ पोस्ट प्रभारी मान सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त एएन मिश्रा, मुख्य सुरक्षा आयुक्त विजय खातरकर तथा मंडल सुरक्षा आयुक्त अनिल भालेराव के निर्देशन में एक टीम बनाई गई। निरीक्षक मानसिंह के नेतृत्व में उप निरीक्षक शिशिर कुमार, आरक्षक अजीत सिंह, प्रमोद कुमार मिश्रा, अतुल सिंह की टीम ने बिरसिंहपुर गल्ला मंडी में दबिश दी।

ओल्ड इ-टिकट बरामद
वहां पर अग्रवाल एसोसिएट्स ऑनलाइन सेंटर पर जांच करने पर संचालक विवेक अग्रवाल (28) निवासी वार्ड नंबर 8 गल्ला मंडी बिरसिंहपुर को पकड़ा गया। जांच में यह बात सामने आई कि विवेक अपनी शॉप पर 13 विभिन्न पर्सनल यूजर आइडी से तत्काल इ-टिकट बनाकर यात्रियों को बेचता है। कुल 57 लाइव व ओल्ड इ-टिकट यहां से बरामद हुईं। उनकी कीमत 66 हजार रुपए बताई गई है।

50 से डेढ़ सौ रुपए तक प्रति यात्री कमीशन
विवेक ने 50 से डेढ़ सौ रुपए तक प्रति यात्री कमीशन लेकर ग्राहकों की तत्काल इ-टिकट बनाना स्वीकार किया। उसके पास से 57 इ-टिकट, एक कम्ंप्यूटर सेट, दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 2953/18 में धारा 143 रेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।