डीजे कोर्ट अमरपाटन ने सुनाई सजा
सतना. रंगदारी के पचास हजार रुपए नहीं देने पर गोली मारकर हत्या करने वाले मुख्य अभियुक्त को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अमरपाटन अरविंद कुमार शर्मा की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अभियुक्त पर जुर्माना भी लगाया। अभियोजन की ओर से एजीपी उमेश कुमार शर्मा ने पैरवी की।
एजीपी उमेश कुमार शर्मा ने बताया, अमरपाटन के ग्राम पाल निवासी सोने लाल साहू खेती किसानी का काम करता था। सोने लाल के चार बेटे है। इनमें वह रामप्रकाश के साथ रहता था। रामप्रकाश अपने घर के सामने के हिस्से में किराना दुकान चलाता था। 30 मार्च 13 को दोपहर 3 बजे रामप्रकाश अपनी दुकान पर बैठ हुआ था। उसी समय नीरज शर्मा रामप्रकाश की दुकान पर पहुंचा और पचास हजार रुपए मांगने लगा। जब रामप्रकाश ने कहा उसके पास इतने पैसे नहीं है तो नीरज ने कट्टे से उसके सीने में गोली मार दी। रामप्रकाश वहीं पर गिर गया और सीने से खून निकलने लगा। गोली चलाने के बाद नीरज मौके से भाग गया। गोली चलने की आवाज सुनकर मृतक के भाई रामजियावन, रामनिवास सहित गोलू तिवारी मौके पर पहुंचे। रामप्रकाश को मोटर सायकल से लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद रामप्रकाश को मृत घोषित कर दिया।
कोर्ट ने कहा, गोली मारकर हत्या गंभीर अपराध-
प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने कहा, अभियुक्त ने एक छोटे से विवाद पर एक तीस वर्षीय युवक की गोलीमार हत्या की है। जो कि अपराधिक गंभीरतम स्थिति को दर्शित करता है। एेसे स्थिति में अभियुक्त को अधिकतम दंड से दंडित किया जाना आवश्यक है।
न्यायालय में अपराध प्रमाणित-
फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरु की। जांच पूरी होने के बाद अभियुक्तों के खिलाफ चालान पेश किया। न्यायालय ने विचारण के दौरान अभियुक्त नीरज शर्मा पिता हीरा लाल शर्मा उम्र 37 निवासी ग्राम पाल थाना अमरपाटन के खिलाफ अपराध प्रमाणित होना पाया। अदालत ने अभियुक्त को भादवि की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सहित तीन हजार रुपए का जुर्माना लगाया। अदालत दो सहअभियुक्तों को पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है।