
सतना। नसबंदी ऑपरेशन में जिम्मेदारों की ओर से मनमानी की जा रही है। ताजा मामला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिरसिंहपुर में सामने आया है। यहां नसबंदी शिविर प्रोटाकॉल की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शुक्रवार को यहां लगे शिविर में महिलाओं को पलंग तक नहीं मिला। मजबूरी में नसबंदी के बाद जमीन पर लिटाया गया। इससे पहले परिजन गोद में उठाकर उनको बाहर तक लेकर आए। अब मामला उजागर होने के बाद जिम्मेदार जांच की बात कर रहे हैं।
ये है मामला
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिरसिंहपुर में नसबंदी ऑपरेशन में लापरवाही का पहला मामला नहीं। दिसंबर 15 में भी एेसी ही लापरवाही सामने आई थी। तब स्वास्थ्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। लेकिन सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार को चिकित्सकों द्वारा 36 ऑपरेशन किए गए।
अस्पताल में महज 15 पलंग
जबकि अस्पताल में महज 15 पलंग है। संचालनालय द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के विपरीत महिलाओं को ऑपरेशन के बाद जमीन पर लिटाया गया। पीड़ितों को ऑपरेशन के बाद स्ट्रेचर उपलब्ध होने के बाद भी मुहैया नहीं कराया गया। परिजन ऑपरेशन के बाद महिलाओं को गोद में उठाकर ला रहे थे।
नहीं चेते जिम्मेदार
पिछले साल बिलासपुर और बड़वानी में घटना के बाद भी महकमे के जिम्मेदार नहीं जागे हैं। यही कारण है कि शिविरों में लापरवाही की जा रही है। जबकि संचालनालय ने शिविर में चिकित्सकों के ऑपरेशन की संख्या तय कर दी है। अब मामला उजागर होने के बाद जिम्मेदार जांच की बात कर रहे हैं।