सतना

एमपी की ‘428 तहसीलों’ के बदल जाएंगे नक्शे, बनेंगे ग्राउंड कंट्रोल प्वाइंट

MP News: प्रदेश में कई स्थानों पर पहले से जीसीपी स्थापित है, लेकिन अब इन स्थानों पर भी जीसीपी का पुन: घनीकरण किया जाएगा।
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Apr 28, 2026
Maps of MP (Photo Source - Patrika)
Maps of MP (Photo Source - Patrika)

MP News: मध्यप्रदेश में भू-स्थानिक डेटा को अधिक सटीक और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग (सर्वे ऑफ इंडिया) प्रदेश की सभी तहसीलों में नए सिरे से ग्राउंड कंट्रोल प्वाइंट (जीसीपी) स्थापित करेगा। जिससे नक्शे और अधिक सटीक और ज्यादा डिटेलिंग वाले होंगे। इसके लिए सर्वे ऑफ इंडिया की टीम हर जिले में पहुंचकर काम करेगी।

राष्ट्रीय भू- स्थानिक नीति 2022 और सर्वे ऑफ इंडिया के नवीन दिशा-निर्देशों के तहत भू-स्थानिक डेटा की गुणवत्ता सुधारने के लिए यह पहल की जा रही है। अब चांदा पत्थर के स्थान पर ग्राउंड कंट्रोल प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे। ये ऐसे स्थायी बिंदु होते हैं जिनकी सटीक लोकेशन जीपीएस के माध्यम से निर्धारित की जाती है।

जहां जीसीपी, वहां होगा घनीकरण

प्रदेश में कई स्थानों पर पहले से जीसीपी स्थापित है, लेकिन अब इन स्थानों पर भी जीसीपी का पुन: घनीकरण किया जाएगा। इसके तहत 3x3 मीटर क्षेत्र में विशेष मानक के अनुसार संरचना तैयार की जाएगी। इन बिंदुओं पर आइसोलेटेड फुटिंगयुक्त पीसीसी पिलर भी खड़े किए जाएंगे ताकि वे लंबे समय तक सुरक्षित रह सकें।

अब ज्यादा बड़े बनेंगे नक्शे

अभी तक सामान्य तौर पर एक अनुपात 4000 स्केल पर नˆक्शे बनते हैं। जिसमें कम डिटेल आ पाता है। लिहाजा अब नक्शोंˆ के निर्माण के लिए 1:2000 स्केल पर बड़े पैमाने पर मानचित्र तैयार किए जाएंगे। जो पहले की तुलना में अधिक विस्तृत और सटीक होंगे। इसके अलावा, भूगोलिक नामों (टोपोनॉमी) का भी सत्यापन किया जाएगा। टीम तहसीलों में जाकर गांवों के नामों की सही वर्तनी और उच्चारण का मिलान राजस्व अभिलेखों से करेगी, ताकि एक समान और प्रमाणिक डेटाबेस तैयार हो सके।

सीमाओं का डेटाबेस

इस दौरान प्रशासनिक सीमाओं का वैज्ञानिक तरीके से निर्धारण होगा। नया डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिसमें ग्राम स्तर तक की सीमाओं का डिजिटल रिकॉर्ड बनाया जाएगा। इसके लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग की टीम जिलों और तहसीलों का दौरा करेगी और स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से सीमाओं का सत्यापन करेगी।

2500 से ज्यादा गांवों का बदलेगा नक्शा

मपी की मोहन सरकार ने भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने का जो सपना देखा था, वह जमीन पर उतरता दिख रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इंदौर के बाद भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को अधिसूचित करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें भोपाल सहित सीहोर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़ और नर्मदापुरम का 12098 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल किया है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में कुल 2510 गांव शामिल किए गए हैं।

छह जिलों के इन गांवों का नक्शा ही बदल जाएगा। यहां अगले 15 साल की जरूरतों को देखते हुए विकास योजनाएं बनाई जाएंगी। गांवों में रहने वाले 30 लाख से ज्यादा लोगों को भविष्य में इसका बड़ा लाभ होगा। ये जिले उद्योग-धंधे, लोक परिवहन समेत अन्य क्षेत्रों में बेंगलूरू, दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों की तर्ज पर उभरेंगे। विकास की बड़ी योजनाएं आकार लेंगी।

Updated on:
28 Apr 2026 05:31 pm
Published on:
28 Apr 2026 03:21 pm