वेंटीलेटर की सही जानकारी नहीं देने पर प्रभारी मंत्री ने सीएमएचओ को लगाई फटकार बोले- कोविड नहीं होगा तो क्या वेंटीलेटर की जरूरत नहीं पड़ती, दो दिन में चालू कर कलेक्टर को बताएं
सतना. प्रदेश के वन मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित जिला संकट प्रबंधन समूह की बैठक में ज्यादातर समय सीएमएचओ डॉ अशोक अवधिया मंत्री के निशाने पर रहे। मंत्री के सवालों का सही और संतोषजनक जवाब न देने पर कई बार नाराजगी का सामना करना पड़ा। स्थितियों को देखते हुए मंत्री ने यह तक कह दिया कि यहां सीएमएचओ की जगह सीएस को बैठा देना चाहिए और सीएस की जगह सीएमएचओ को। वेंटीलेटर के बंद रहने पर भी नाराजगी जाहिर की और दो दिन में सभी वेंटीलेटर चालू कराने कहा। उन्होंने कोविड की संभावित तीसरी लहर रोकने व्यवस्थाओं के सभी आवश्यक प्रबंध चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर विधायक नागेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, सिद्धार्थ कुशवाहा, कल्पना वर्मा, कलेक्टर अनुराग वर्मा, आयुक्त नगर निगम तन्वी हुड्डा, जिपं सीईओ डॉ परीक्षित राव झाड़े सहित अन्य मौजूद रहे।
सीएम की समय सीमा का पालन करें
कोविड टीकाकरण पर दूसरी डोज 76 फीसदी रहने पर मंत्री ने सीएमएचओ से पूछा कि 100 फीसदी कब तक हो जाएगा। जवाब 31 दिसंबर मिलने पर कहा कि सीएम ने 25 दिसंबर की समय सीमा दी है। इस अवधि में लक्ष्य पूरा करें। मंत्री ने पूछा कि कितने वेंटीलेटर चालू है। जिस पर सीएमएचओ ने कहा कि अभी उपयोग नहीं हो रहा है। यह सुन मंत्री भड़क गये। कहा, क्या वेंटीलेटर सिर्फ कोविड में ही उपयोग होते हैं? अन्य कई बीमारियों में भी इसका उपयोग होता है और आप ऐसा जवाब दे रहे हैं। सभी वेंटीलेटर चालू करवाएं और दो दिन में कलेक्टर को इसकी रिपोर्ट दें।
सिलेण्डरों की संख्या नहीं बता पाए
प्रभारी मंत्री ने प्रस्तावित लिक्विड आक्सीजन प्लांट की जानकारी लेते हुए कहा कि इसका बेस जल्दी तैयार कराओ ताकि यहीं सिलेण्डर भी रिफिल हो सकें। इसके बाद उन्होंने पूछा कि महीने में कितने सिलेण्डर लग रहे है। इसका सही जवाब न देते हुए सीएमएचओ ने बताया कि कोविड में 450 लगते थे। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि जो पूछ रहा हूं उसका जवाब दीजिए कि अभी कितने लग रहे हैं? फिर सीएस से बात के बाद बताया कि 120 लग रहे हैं।
कोई केस ओमिक्रान का नहीं
सीएमएचओ ने बताया कि नवंबर को एक केस कोरोना पॉजीटिव मिला था। यहां से 6 लोगों के सैम्पल भेजे गये। किसी में ओमिक्रान नहीं मिला। डेल्टा वैरियेंट ही पाया गया है। इस दौरान रैगांव विधायक ने कहा कि डेथ सर्टिफिकेट में कोरोना का उल्लेख नहीं किया जाता। इसका समर्थन विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने भी किया। जिस पर बताया गया कि डेथ समरी में स्पष्ट किया जाता है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर नागौद विधायक ने जताया असंतोष
नागौद विधायक नागेन्द्र सिंह कहा कि स्वास्थ्य संस्थाओं में पावर बैकअप जरूरी है। लाइट गोल हो जाने पर अंधकार हो जाता है। नागौद की स्थिति बताई कि यहां बीएमओ मिलते नहीं है, सफाई करने भोपाल से आता है, पानी की सुविधा नहीं है। परसमनिया में अच्छी बिल्डिंग है लेकिन डॉक्टर नहीं है। इस पर मंत्री ने सीएमएचओ से पूछा कि कितने पीएसची हैं इसका जवाब भी अटक कर मिला। मंत्री ने कहा कि सभी का निरीक्षण करो और यह सुनिश्चित करो को यहां जनरेटर या इन्वर्टर की व्यवस्था हो। नागौद अस्पताल भवन पुराना होने पर नई का प्रस्ताव बनाने कहा। एसडीएम को भी अस्पताल व्यवस्थाओं में शामिल करने कहा।
चीरघर में लगे सीसीटीवी कैमरा
विधायक कल्पना वर्मा ने सिंहपुर में पीएम की व्यवस्था नहीं होने की बात कही। इस दौरान एएसपी ने कहा कि पोस्टमार्टम कक्ष में लाइट और सीसीटीवी की व्यवस्था हो जाए तो रात को भी पीएम हो सकेंगे और सीसीटीवी से कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं बनेगी। इस दौरान निगमायुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से नया चिकित्सा केन्द्र बनाने की बात कही।
तो दोनों को बदल दो
मंत्री को जब सीएमएचओ से स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहे थे तो उन्होंने पूछ लिया कि आप फील्ड में नहीं जाते हैं क्या। इस पर विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा कि अभी बाईपास सर्जरी कराकर लौटे हैं। इस बात को मंत्री ने पकड़ लिया और कहा कि इनको हटाओ। सीएस को सीएमएचओ बना दो और सीएस की जगह सीएमएचओ को भेज दो। इससे उन्हें आराम भी रहेगा। यह सुन सीएमएचओ ने तत्काल सफाई दी कि वे अब पूरी तरह से स्वस्थ है और भ्रमण करेंगे। यह सुन बैठक में कई लोगों की हंसी छूट गई।
यह दिये निर्देश
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