बड़ों पर कार्रवाई न होने से नहीं लग रही पैकारी पर लगाम, शराब का अवैध कारोबार जोरों पर, सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने पर आरओ ने भेजी एफएसटी
सतना। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद भी शराब के अवैध कारोबार पर रोक नहीं लग पा रही। ग्रामीण क्षेत्रों में बेखौफ यह कारोबार चल रहा है। इससे मतदाताओं पर भी इस बहाने असर डालने की कोशिश हो रही है। हालांकि आबकारी विभाग द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है लेकिन छोटे प्यादों को पकड़ कर कार्रवाई वहीं तक सीमित कर दी जाती है। न तो इस जांच को आगे बढ़ा कर कोई बड़ा इन्वेस्टिगेशन किया जाता, जिससे बड़े सप्लायर को पकड़ा जा सके। यही वजह है कि जिले के बेखौफ कारोबार शराब का फल फूल रहा है।
अंदाजा लगाया जा सकता है कि आदर्श आचार संहिता के दौरान तमाम नाके और उडऩदस्ते घूम रहे हैं इसके बाद भी बेखौफ पैकारी हो रही है तो आम दिनों में क्या हालात होंगे। ऐसा ही मामला रविवार को सामने आया जब दिनदहाड़े एक जीप में शराब दुकान से शराब की पेटियां भर कर पैकारी के लिये भेजी जा रही थी। लेकिन इसे कोई पकड़ नहीं सका।
हालांकि सोशल मीडिया में मामला सामने आने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर आशीष सांगवान ने एफएसटी को मौके पर भेजा। टीम ने यहां से पैकारी के लिये भेजी गई शराब और उनके नाम की पर्चियां जब्त की लेकिन प्रकरण कोई कायम नहीं किया गया। शाम को आबकारी की भी टीम पहुंची लेकिन वहीं ढाक के तीन पात स्थिति रही।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार रामनगर स्थित शराब की दुकान जो धनंजय यादव द्वारा संचालित की जाती है। इस दुकान व्यापक पैमाने पर पैकारी कराई जा रही है। इसका मैनेजर विश्वनाथ यादव बताया गया है तथा सेल्स मैनेजर प्रदीप यादव है। फील्ड मैनेजर राजेश है जिस पर पैकारी का पूरा दारोमदार है। इसके द्वारा ही आसपास के क्षेत्रों में शराब दुकान से शराब की पेटियां पैकारी के रूप में सप्लाई की जाती है। इधर जानकारों का कहना है पैकारी के कारोबार में भाटिया ग्रुप का पूरा हाथ है और उसके द्वारा ही इस पूरे क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार जोरों से चलाया जा रहा है।
सफाई पर भी सवाल
आबकारी अफसर ढाबों, किराना दुकानों सहित अन्य स्थलों पर शराब की कुछ बोतले पकड़ कार्रवाई पूरी कर देते हैं। उनका कहना है कि लोग सही जानकारी नहीं देते हैं, इसलिए कार्रवाई नहीं हो पाती है। उधर सतना में पूर्व में रहे आबकारी के अफसर का कहना है कि हर लाट का एक बैच नंबर होता है और पेटी में होलोग्राम होता है। जब्त शराब के बैच नंबर को देख शराब दुकान के परमिट बैच नंबर से पकड़ा जा सकता है। फिर तमाम तरीके इन्वेस्टिगेशन के होते हैं। इसके लिए चैलेङ्क्षजग प्रयास होना चाहिए।
क्या कर रहा सिस्टम
आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद पूरे जिले में एसएसटी नाके स्थापित कर दिए गए हैं और लगातार एफएसटी टीमें घूम रही हैं। लेकिन इस तरह जीप में शराब की पेटियां भर कर ले जाई जा रही हैं और वे पकड़ी भी नहीं जा रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरा सिस्टम कितना सजग है या फिर आरोप भी लगाया जा सकता है कि सिस्टम भी इसमें शामिल हैं।