mp news: सरकारी स्कूल में बैठकर रिश्वत ले रहा था जन शिक्षक, लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाकर रंगेहाथों पकड़ा।
mp news: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के सतना जिले का है जहां एक जन शिक्षक को रीवा लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
सतना बाईपास रोड, उतैली वार्ड नंबर 22 के रहने वाले मनोज प्रताप सिंह ने बीते दिनों रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि संकुल केन्द्र, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सज्जनपुर तहसील रामपुर बाघेलान जिला सतना में पदस्थ जनशिक्षक महेन्द्र पांडे उनके क्रमोन्नति प्रकरण की फाइल ट्रेजरी भेजने के एवज में 1500 रुपये की रिश्वत मांग रहा है। पहले फाइल ट्रेजरी गई थी लेकिन वहां से आपत्ति लगाते हुए फाइल को वापस भेज दिया गया था। जिसमें सुधार कर जब फरियादी मनोज प्रताप दोबारा फाइल ट्रेजरी भिजवाने के लिए जन शिक्षक महेन्द्र पांडे के पास पहुंचे तो उसने रिश्वत की मांग की। पैसे नहीं देने पर जन शिक्षक फाइल आगे नहीं बढ़ा रहा था।
फरियादी मनोज प्रताप की शिकायत लोकायुक्त रीवा की टीम ने जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर मंगलवार को जाल बिछाकर फरियादी को रिश्वतखोर जनशिक्षक महेन्द्र पांडे के पास रिश्वत देने के लिए भेजा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सज्जनपुर तहसील रामपुर बाघेलान जिला सतना में जैसे ही जन शिक्षक महेन्द्र पांडे ने रिश्वत के 1200 रुपये लिए तो लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। संदीप सिंह भदौरिया, निरीक्षक (ट्रैपकर्ता अधिकारी), एसराम मरावी, निरीक्षक द्वारा अपनी टीम के साथ कार्यवाही की गई। लोकायुक्त रीवा की टीम ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई अधिकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो लोकायुक्त रीवा को मोबाइल नंबर 9893607619 पर संपर्क कर सकते हैं।
वहीं इससे पहले मंगलवार को ही मध्यप्रदेश के धार जिले में जल संसाधन विभाक के बाबू राज दिनकर को लोकायुक्त की टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। रिश्वतखोर बाबू राज दिनकर के खिलाफ दयाराम पटेल नाम के फरियादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वो तालाब की रिक्त भूमि पर खेती का पट्टा लेना चाहता है और इसके एवज में बाबू राज दिनकर उससे 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है। रिश्वतखोर बाबू राज दिनकर अपने किराए के घर पर रिश्वत की रकम फरियादी से ले रहा था और तभी लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगहाथों धरदबोचा।