सतना

भाजपा नेता और पूर्व विधायक पंचतत्व में विलीन, बेटे ने दी मुखाग्नि

शनिवार को भोपाल में इलाज के दौरान निधन के बाद देर रात गृहग्राम पहुंची थी पार्थिव देह, रविवार को गृह ग्राम में हुआ भाजपा नेता का अंतिम संस्कार।
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Updated: 15 Mar 2026, 4:46 PM IST
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mp news: मध्यप्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक यादवेन्द्र सिंह शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। सतना जिले के कचनार गांव में यादवेन्द्र सिंह का अंतिम संस्कार हुआ। यादवेन्द्र सिंह की अंतिम यात्रा में राज्यमंत्री, सांसद, विधायक समेत हजारों लोग शामिल हुए और उन्हें अंतिम विदाई। बेटे यतेन्द्र सिंह 'पप्पू' ने पिता यादवेन्द्र सिंह की चिता को मुखाग्नि दी। यादवेन्द्र सिंह का शनिवार को भोपाल में इलाज के दौरान निधन हुआ था। उनके निधन से कार्यकर्ताओं और पार्टी में शोक की लहर है।

पंचतत्व में विलीन हुए यादवेन्द्र सिंह

सतना जिले की नागौद विधानसभा सीट से पूर्व विधायक यादवेन्द्र सिंह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज भोपाल के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था। शनिवार को 73 वर्ष की आयु में यादवेन्द्र सिंह ने अस्पताल में अंतिम सांस ली। देर रात भोपाल से यादवेन्द्र सिंह की पार्थिव देह गृह ग्राम कचनार पहुंची। शनिवार सुबह से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व भाजपा नेता का कचनार गांव पहुंचे। कचनार हाउस में यादवेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, विधायक नागेन्द्र सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गगनेंद्र प्रताप सिंह और पूर्व महापौर राजाराम त्रिपाठी सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं राजनीतिक हस्तियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। जिसके बाद अंतिम संस्कार हुआ।

यादवेन्द्र सिंह का राजनीतिक सफर

यादवेन्द्र सिंह का राजनीतिक सफर काफी कठिनाइयों भरा रहा। 5 जून 1953 को एक साधारण परिवार में जन्मे यादवेन्द्र सिंह के राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 1978 में हुई जब वो वसुधा ग्राम पंचायत के सरपंच बने। इसके बाद 1991- 92 में विपणन सहकारी समिति नागौद के अध्यक्ष बने। 1993 में जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष एवं 1999 में कृषि उपज मंडी समिति के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। 1998 में स्वतंत्र रूप से विधानसभा चुनाव चिन्ह बस के साथ लड़े। 2003 में कांग्रेस पार्टी ने प्रत्याशी बनाया, 2008 और 2013 में भी कांग्रेस ने मौका दिया। 2013 में यादवेन्द्र सिंह विधानसभा का चुनाव जीतकर विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद 2018 के निर्वाचन में मामूली मतों से उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। साल 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया जिसके कारण यादवेन्द्र सिंह ने कांग्रेस का हाथ छोड़ा और बसपा में शामिल होकर चुनाव लड़ा। यादवेन्द्र सिंह के चुनाव लड़ने के कारण यहां कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही। 2024 के लोकसभा चुनाव में यादवेन्द्र सिंह भाजपा में शामिल हो गए थे।

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15 Mar 2026, 4:46 PM IST
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