सीएम हेल्पलाइन में शिकायत, छोडऩे के लिए मांगी थी 5 हजार की रिश्वत, पुलिस अधीक्षक से शिकायत बेमानी
सतना। मध्यप्रदेश की सतना पुलिस के कुछ आरक्षकों द्वारा गुंडागर्दी करने का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो वायरल में कोलगवां थाने व डायल 100 के पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिसकर्मियों ने बिना कारण एक दुकानदार को जमकर पिटा, फिर फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी। साथ ही दुकानदार से 5 हजार की रिश्वत मांगी गई।
अब इस मामले को लेकर पीडि़त ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की है। जबकि इससे पूर्व एसपी राजेश हिंगणकर से भी शिकायत की थी है। एक सीडी भी सौंपी गई थी। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीडि़त व्यापारी ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की है। ये शिकायत 9 जून को की गई है।
ये है मामला
शिकायतकर्ता प्रेमचंद्र कुशवाहा (32) निवासी संग्राम कालोनी की माने, तो बस स्टैंड में मोबाइल शॉप है। गत 17 मई को प्रेमचंद्र अपनी दुकान के बाहर खड़ा था, उसी दौरान सड़क के पार डायल 100 वाहन खड़ा था। उसके अंदर उसके पहचान का विपिन पटेल था, जिसे उसने आवाज लगाई। जैसे ही डॉयल के पास पहुंचा, उसमें सवार आरक्षक फूलेंद्र दुबे बाहर निकला और गालीगलौज करने लगा, विरोध करने पर धमकी दी। उसके बाद वो मौके से चला गया।
गाली-गलौज देते हुए मारपीट
लगभग आधे घंटे के बाद दो डायल 100 (एफआरबी 24 व 6) वाहन पहुंच गए। जिससे आरक्षक फूलेंद्र दुबे व प्राइवेट कर्मचारी चंद्राश गौतम उतरे और गालीगलौज देते हुए मारपीट शुरू कर दी। जमकर मारा और जमीन में गिरा दिया। उसके बाद वे जबरन वाहन में बैठाकर थाने ले जाने लगे। उनके साथ आरक्षक मनोज सिंह, गौतम सिंह, धीरेंद्र सिंह व दो अन्य पुलिसकर्मी भी थे।
मांगी थी रिश्वत
पीडि़त का आरोप है कि जैसे ही उसे वाहन में बैठाया गया। मोबाइल छीन लिया। उसके बाद पांच हजार रिश्वत की मांग की गई और कहा गया कि नहीं देने पर 151 में जेल भेज देंगे। पैसा नहीं देने पर थाने ले जाकर बैठा दिया गया। काफी देर तक बैठाने के बाद छोड़ा गया। जब पीडि़त ने मारपीट की एफआईआर करानी चाही। तो उसे भगा दिया गया।
सीसीटीवी कैमरे में कैद मारपीट की फुटेज
एसपी को शिकायती आवेदन के साथ दी सीडी में शिकायतकर्ता ने दावा किया कि मारपीट की रिकॉर्डिंग दुकान के बाहर लगे कैमरे में कैद हो गई थी। दिख रहा है कि प्राइवेट कर्मचारी चंद्रास गौतम सिगरेट के कस लेते पुलिसकर्मियों को मारपीट के निर्देश दे रहा था। प्राइवेट कर्मी ने एक आरक्षक से डंडा छीनकर आरक्षक फूलेंद्र दुबे को दिया। पीडि़त ने कहा कि बिना कसूर मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए डीजीपी तक शिकायत करुंगा।