कचरे में मिली नवजात, आवाज सुनकर पहुंचाया अस्पताल, पवई थाना क्षेत्र के कृष्णगढ़ ग्राम का मामला
पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। बताया गया कि पवई थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह कचरे के ढेर से एक नवजात बच्ची मिली। स्थानीय लोग रोने की आवाज सुनकर दौड़कर डस्टबीन के पास पहुंचे तो सबके होश उड़ गए। कारण, कूड़े में सनी मासूम बच्ची बिलख रही थी। आनन-फानन में चिकित्सकों की मदद से इलाज के लिए बच्ची को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उसकी हालत में सुधार है।
इधर, पवई थाना पुलिस ने सूचना मिलने के बाद बच्ची के परिजनों की तलाश शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो कोई कलयुगी मां ने अपना पाप छिपाने के लिए मासूम को कूड़े में फेंक दिया है। लावारिश बच्ची को देखने के बाद जिले के कई लोगों ने उसके गोद लेने की मंशा जताई है।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार कृष्णगढ़ के लोग ढिम्रोला मोहल्ला में करीब 10 बजे लोगों ने कचरे के ढेर से रोने की आवाज सुनी। लोग आवाज की दिशा में जैसे-जैसे बढ़ रहे थे। उसी तरह से आवाज तेज होती जा रही थी। लोगों ने जब पास में जाकर देखा तो एक नवजात कूड़े में सनी रोती दिखाई दी। लोगों ने तुरंत जानकारी एएनएम, डायल 100 और 108 वाहन को दी। एएनएम ने बच्ची की साफ-सफाई की। इसके बाद लोगों ने तुरंत बच्ची को निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद बच्ची की हालत ठीक बताई जा रही है।
इनका रहा सराहनीय योगदान
नवजात को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाने में मिजाजी लाल, एएनएम बेबी कोरी, सफाई कर्मी विद्याबाई, डॉ. आरपी सेठिया, रावेन्द्र पांडेय, विजय गुप्ता, चन्द्रमोहन गुप्ता आदि का सराहनीय योगदान रहा। बीएमओ डॉ. एमएल चौधरी ने बताया कि बच्ची साढ़े आठ माह के गर्भ के बाद पैदा हुई है, जिसका प्राथमिक उपचार किया गया बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेजा जाएगा।
अज्ञात महिला के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध
थाना प्रभारी डीडी आजाद ने बताया कि कृष्णगढ़ में नवजात के मिलने की खबर मिली थी। जिसे ग्रामीणों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया है। सूचना के बाद अज्ञात महिला के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर जांच की जाएगी। पुलिस का मानना है कि किसी ने नाजायज संबंध छिपाने की नीयत से बच्ची को फेंक दिया होगा।