सतना

BSP-कांग्रेस में दूरी से BJP को मिली संजीवनी, मध्यप्रदेश की इन 7 सीटों पर हुआ त्रिकोणीय मुकाबला

सियासत: कांग्रेस को लग सकता है तीन सीटों का झटका, जिले की सातों सीटों पर होगा त्रिकोणीय मुकाबला

2 min read
Oct 05, 2018
No alliance with Congress in MadhyaPradesh assembly election: Mayawati

सतना। चुनाव से एेन वक्त पहले कांग्रेस व बसपा द्वारा अलग-अलग चुनाव लडऩे की घोषणा से जिले की भाजपा को मानो संजीवनी मिल गई है। बसपा और कांग्रेस यदि मिलकर चुनाव लड़ती तो गठबंधन को 49 फीसदी वोट मिल सकते थे। जबकि भाजपा का वोट बैंक 30 फीसदी से आगे नहीं बढ़ रहा था। एेसे में गठबंधन को जिले की सात में 6 सीटें मिल सकती थीं।

अब चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का अकेले चुनाव लडऩे का निर्णय कम से कम सतना पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि अकेले चुनाव लडऩे से कांग्रेस को तीन सीट का झटका लग सकता है। क्योंकि, जिले की सभी सातों सीटों पर बसपा का अच्छा प्रभाव है। इससे गठबंधन न होने से विस चुनाव 2018 में जिमे की सभी सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला होगा।

ये भी पढ़ें

निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला: ये विधायक नहीं लड़ पाएंगे चुनाव! कहीं आप भी तो नहीं है इस श्रेणी में

बसपा को नफा-नुकसान
बसपा सुप्रीमो मायावती ने विधानसभा चुनाव अकेले लडऩे का फैसला किया है। चुनाव से ठीक पहले मायावती का यह निर्णय पार्टी पर भारी पड़ सकता है। क्योंकि जिले की सातों सीटों में बसपा का अच्छा प्रभाव है। बसपा का वोट शेयर 25.86 प्रतिशत है। यदि बसपा दमदार प्रत्याशी उतार कर अपने वोट शेयर में पांच फीसदी का इजाफा कर ले तो वह जिले की चार सीटें मैहर, अमरपाटन, रामपुर बाघेलान और रैगांव में अपना परचम लहरा सकती है। बीते विधानसभा चुनावों में इन सीटों पर जीत हार का प्रतिशत मात्र 5 फीसदी रहा था। राजनीति के जानकारों का कहना है कि गठबंधन बनाकर चुनाव लडऩे से जिले में बसपा से अधिक कांग्रेस को फायदा होता। जबकि भाजपा एक सीट पर सिमट सकती थी।

2013 में कांग्रेस को मिली थीं चार सीटें
विधानसभा चुनाव 2013 में जिले की 7 में से 4 सीटें कांग्रेस की झोली में गईं थीं। जबकि वोट प्रतिशत में कांग्रेस तीसरे नंबर पर थी। जिले की सात सीटों में कांंग्रेस को मात्र 23.41 फीसदी वोट मिले थे। जबकि सबसे अधिक 29.72 फीसदी वोट भाजपा को मिले थे लेकिन त्रिकोणीय मुकाबले के कारण उसे हार का मुंह देखना पड़ा था। वह मात्र दो सीट ही जीत पाई थी।

रीवा का चुनावी गणित
पिछले 2013 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने मनगवां सीट अपने नाम की थी। इसके अलावा देवतालाब, सेमरिया, रीवा में दूसरे नंबर पर रही। अन्य सीटों में भी बेहतर प्रदर्शन रहा है। पार्टी का मानना है कि जहां निकटतम थे, उसमें इस बार जीत हासिल होगी।

विस चुनाव 2013 में किसे कितना वोट
1.चित्रकूट-61
भाजपा 28.29
कांग्रेस 37.17
बसपा 19.65

2.रैगांव-62
भाजपा 32.12
कांग्रेस 23.12
बसपा 35.55

3.सतना-63
भाजपा 42.04
कांग्रेस 30.56
बसपा 21.21

4.नागौद-64
भाजपा 31.07
कांग्रेस 37.89
बसपा 22.63

5.मैहर-65
भाजपा 26.99
कांग्रेस 31.55
बसपा 26.49

6.अमरपाटन-66
बीजेपी 25.14
कांग्रेस 33.20
बसपा 24.05

7.रामपुर बाघेलान-67
भाजपा 47.56
कांग्रेस 3.64
बसपा 31.50

ये भी पढ़ें

भूलकर भी पितृपक्ष में ना करें ये 9 काम, वरना पितृगण हो जाएंगे नाराज
Published on:
05 Oct 2018 04:11 pm
Also Read
View All