सतना

शहर में घूम रहे फेरी वालों पर पुलिस की नजर नहीं

बाहर से आए फेरी वालों ने दर्ज नहीं कराई मुसाफिरी, मोहल्लों में सुुबह से रात तक घूम रहे हैं मुसाफिर

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Feb 04, 2020
Police does not keep an eye on the people who roam the city

सतना. होटल, लॉज और धर्मशाला में अगर कोई आकर ठहरता है तो जरूरी है कि उसकी जानकारी थाने को दी जाए। इसी तरह मकान मालिकों के लिए भी जरूरी है कि किराएदार की सूचना पुलिस को दें। पुलिस की भी जिम्मेदारी है कि मुसाफिरों और किरायेदारों के बारे में जब उन्हें सूचना मिले तो वो उनके संबंध में प्राप्त जानकारी का सत्यापन करें।
ऐसा इसलिए है ताकि अपराध नियंत्रण हो लेकिन इन दिनों देखने में आ रहा है कि शहर के विभिन्न स्थानों में फेरीवाले घूम रहे हैं। इनमें से बहुत से ऐसे भी हैं जो अन्य प्रांतों से आकर यहां ठहरे हुए हैं। ऐसे ही फेरी लगाकर सामान बेचने वाले एक नौजवान से जब उसके बारे में जानकारी ली गई तो उसने अपना नाम चेतन सिंह बताया। उसका कहना था कि वह राजस्थान प्रांत में नई बस्ती, चिनायटा करौली का रहने वाला है। यहां वह कब से आया है, पूछने पर उसने बताया कि वह 25 जनवरी से यहां आकर ठहरा है। मगर वह ठीक से यह नहीं बता सका कि ठहरा कहां है। उसने कहा कि बस स्टैंड के पास कहीं ठिकाना है। जबकि उसके साथ मौजूद एक अन्य साथी धर्मेंद्र सिंह निवासी भरतपुर राजस्थान ने बताया कि बड़े पुल के पास एक होटल के नजदीक किसी जैन साहब के यहां किराए से कमरा लिया है। मकान मालिक का नाम धर्मेंद्र सिंह भी नहीं बता पाया। चेतन और धर्मेंद्र से जब जानकारी ली गई की क्या उन्होंने थाने में अपनी मुसाफिरी दर्ज कराई है तो उन्होंने इससे स्पष्ट इनकार किया। इन दोनों फेरी वालों की बातों से इतना तो साफ हो गया कि यहां कुछ फेरी वाले लोग ऐसे भी घूम रहे हैं जिनकी पुलिस को खबर नहीं है। हो सकता है कि यह जहां ठहरे हुए हैं वहां के मकान मालिक ने इनकी सूचना पुलिस को दी हो, पर यह जरूरी भी नहीं है। अमूमन इस शहर में अधिकांश मकान मालिक अपने किरायेदारों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने से बचते हैं। पुलिस भी इस तरफ कोई खास ध्यान तब तक नहीं देती है जब तक कि कोई बड़ी संगीन वारदात ना हो जाए। बहरहाल, हम बता दें कि यह दोनों फेरीवाले गली मोहल्लों में घूम कर लॉटरी के नाम पर प्रोडक्ट की बिक्री कर रहे हैं। इनामी कूपन के जरिए इनके द्वारा अपना धंधा किया जा रहा है। कुछ लोगों का मानना है कि यह सीधे-सीधे जुआ का कारोबार है। देखने वाली बात होगी कि पुलिस गली मोहल्लों में घूमने वाले फेरी वालों को लेकर कितनी गंभीरता प्रदर्शित करती है।

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Published on:
04 Feb 2020 12:06 pm
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