सतना

नगर निगम के मुख्य गेट में महिला पार्षद धरने पर बैठी, बिजली शाखा प्रभारी पर लगाए ये गंभीर आरोप

वार्ड क्रमांक-34 की पार्षद हैं राधा श्रीवास्तव, बिजली शाखा प्रभारी सब इंजीनियर पर गाली-गलौज करने का आरोप

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Sep 17, 2018
Protest of woman counselor in Satna Nagar Nigam

सतना। वार्ड क्रमांक-34 की पार्षद राधा श्रीवास्तव सोमवार की दोपहर नगर निगम के मुख्य गेट पर भूख हड़ताल पर बैठ गई है। बताया गया कि धरने पर बैठी पार्षद का बिजली शाखा प्रभारी सब इंजीनियर पर गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत भी सिटी कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई है। लेकिन पुलिस ने कुछ खास एक्शन नहीं लिया है। इसलिए आक्रोशित महिला पार्षद अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गई है। पीडि़त पार्षद ने कहा है कि जब तक सब इंजीनियर पर पुलिस मामला दर्ज नहीं करती तब तक मैं धरने पर बैठी रहूंगी। पार्षद के धरने के बाद निगम अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

ये है मामला
सिटी कोतवाली पुलिस को दिए शिकायती आवेदन में वार्ड क्रमांक-34 की पार्षद राधा श्रीवास्तव ने बताया है कि मैं दोपहर १२ बजे नगर निगम के वार्ड में व्याप्त बिजली समस्या को लेकर बिजली शाखा प्रभारी के प्रभारी के कक्ष पर गइ थी। जहां पर बिजली शाखा प्रभारी एवं सब इंजीनियर ने मेरे साथ गाली-गलौज की। फिर आरोपी शाखा प्रभारी आक्रोशित होकर अपनी शर्ट की बटन खोलकर खड़ा हो गया। बोला, जिससे बोलना है बोल दीजिए। आपके वार्ड की बिजली नहीं बनाउगां। जब वार्ड की जनता शिकायत लेकर आएगी तभी कार्य होगा। मैं पार्षद को नहीं जानता। आप ज्यादा करोगे तो शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का केस करवा दूंगा। इस तरह की धमकी देते हुए अपने कार्यालय का ताला बंदकर चला गया।

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समर्थकों के साथ पहुंच गई थाने
महिला पार्षद ने इस घटना के बाद अपने दो दर्जन समर्थकों को लेकर थाने पहुंच गई। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी के नाम पर बिजली शाखा प्रभारी एवं सब इंजीनियर की शिकायत की। इसके बाद निगम कार्यालय पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठ गई है। आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी जनप्रतिनिधियों तक की बात नहीं सुनते है। अब भला आम जनता की कौन अधिकारी सुनेगा।

वार्ड क्रमांक-12 के हालात और खराब
बता दें कि बदखर वार्ड क्रमांक-12 में हालात और बिकट है। यहां की ७० फीसदी स्ट्रीट लाइट खराब है। स्थानीय पार्षद की शिकायत के बाद भी नगर निगम के कर्मचारी आज वार्ड की ओर मुड़कर नहीं देखें है। न यहां चलने के लिए खड़क है और न पानी निकले के लिए नालियां। जो आधी-अधूरी नालियां बनी है वो भी बज-बजा रही है। रसूखदार पार्षदों की निगम में सुनवाई होती है। वहां अधिकारी दौड़कर जाते है।

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Published on:
17 Sept 2018 04:51 pm
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