सतना

हर साल 5 फुट बढऩे वाला रावण महंगाई के आगे 10 फुट बोना हो गया

पुतला निर्माण सामग्री के दाम बढ़े
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Oct 17, 2018
Rafting 5 feet per year, 10 feet sowing ahead of inflation
Rafting 5 feet per year, 10 feet sowing ahead of inflation

सतना। विंध्य क्षेत्र के सबसे बड़े बनने वालेर रावण के पुतले की लंबाई महंगाई के कारण बीते वर्षो से दस फुट घट गई है।इस वर्ष २५ फुट के रावण के पुतले का निर्माण हो रहा है। शहर के दादा सुखेन्द्र सिंह स्टेडियम में रावण के पुतले को इस वर्ष नया रुप दिया जा रहा है। महंगाई ने कद घटाया है लेकिन स्वरुप को सुन्दर बनाने के लिए इस वर्ष नए कारीगरों को उचेहरा से बुलाया गया है। पहली बार रावण की लंबाई को घटाया गया है। बीते वर्षों में हर साल पांच फुट रावण की लंबाई बढ़ती रही है। पिछले वर्ष ३५ फुट का रावण पुतला बनाया गया था।

कम समय मिला निर्माण के लिए
रावण के पुतले का निर्माम करने वाले रामबहोरी का कहना है कि हम लोग अपनी टीम को लेकर प्रतिदिन उचेहरा से सतना आते हैं। हमारी टीम में ८ कलाकार है। ६ कलाकार ढांचा व अन्य काम करते है। दो कलाकार मुखोटा बनाते है। पहली बार काम मिला है इस कारण कुछ नया करने की सोचकर रावण का निर्माण कर रहे है। इस वर्ष महंगाई ने पूरा बजट बिगाड़ दिया है। रावण के पुतले के निर्माण में लगने वाली वस्तुओं के दाम बढऩे से एक रावण के दाम 28 फसदी बढ़ गये हैं। शिवाकाशी से मंगाए गये पटाखे रावण के पुतले के निर्माण में बांस, तार, पटाखे के साथ तकनीकि का विशेष तालमेल होता है। बिहारी राम लीला समाज के सह मंत्री आशुतोष दुबे ने बताया कि इस वर्ष भगवान श्रीराम व्दारा रावण के पुतले पर कुछ नए अंदाज मेंं वार किया जाएगा। अलग प्रकार की आतीशबाजी होगी। साथ ही रावण के पुतले में जो भी पटाखे लगाए जाएंगे वे सभी प्रदूषण से मुक्त होंगे जिससे रावण दहन के बाद प्रदूषण भी न फैल सके।

२5 फि ट का रावण बनेगा
श्री बिहारी रामलीला समाज व्दारा दशहरा को श्रीराम के हांथों जलने वाले रावण को जलाने के लिए सभी तैयारियां की जा चुकी है। इस बार का रावण जिले की जनता के लिए आकर्षण का केन्द्र रहेगा। आतिशबाजी अन्य सालों से कुछ अलग रहेगी। इस वर्ष रावण के पुतले के निर्माण में नए कलाकारों को मौका दिया गया है। इस वर्ष २5 फि ट रावण के पुतले का निर्माण शुरु हो चुका है। इस बार का रावण हर वर्ष की भांति कुछ अलग रहेगा।दादा सुखेन्द्र सिंह स्टेडियम में निर्मित हो रहे रावण के पुतले के निर्माण में लगे कारीगर रात में गांव से आकर काम कर रहे है। 12 घंटे से अधिक समय दे रहे कलाकारों ने बताया कि कम समय होने के कारण रात में भी काम किया जा रहा हैं।

Updated on:
17 Oct 2018 01:33 pm
Published on:
17 Oct 2018 01:33 pm