सतना

satna: बैंक वालों ने हड़प ली किसानों की फसल बीमा प्रीमियम, लाभ से वंचित रह गये किसान

बैंको की विशेष जिला स्तरीय समीक्षा एवं समन्यवय समिति की बैठक में हुआ खुलासा उप संचालक कृषि ने कलेक्टर के सामने खोला बैंक वालों का काला चिट्ठा

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Mar 24, 2022
satna: बैंक वालों ने हड़प ली किसानों की फसल बीमा प्रीमियम, लाभ से वंचित रह गये किसान
satna: bankers grabbed farmers' crop insurance premium

सतना. बैंक सहायित शासकीय योजनाओं में वार्षिक लक्ष्यों की पूर्ति को लेकर कलेक्टर अनुराग वर्मा ने बैंकों की विशेष जिला स्तरीय समीक्षा एवं समन्वय समिति की बैठक ली। इसमें चौंकाने वाला खुलासा बैंकों के गड़बड़झाले का सामने आया है। उप संचालक कृषि ने इस दौरान बताया कि फसल बीमा के लिये किसानों से प्रीमियम की राशि जमा कराने के बाद भी बैंकों ने इसे बीमा कंपनी को नहीं भेजा। जिस वजह से किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिल सका है। कलेक्टर ने इसे अमानत में खयानत का मामला बताते हुए संबंधित बैंकों के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही। लेकिन इसी दौरान भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि सचिन सुले ने मामले को संभालते हुए संबंधित बैंक अधिकारियों से कहा कि उप संचालक कृषि के साथ बैठकर इस मामले का तत्काल प्रभाव से निराकरण करें।

लक्ष्य पूरा करने के निर्देश

इस दौरान कलेक्टर ने सभी योजनाओं के वार्षिक लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत प्रकरणों में स्वीकृति और वितरण की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 28 मार्च को होने वाले प्रदेश स्तरीय रोजगार दिवस के रोजगार मेले के लिये स्व-रोजगार की योजनाओं मेंअधिकतम ऋण स्वीकृति और वितरण के लिये निर्देशित किया। इस दौरान निगमायुक्त तन्वी हुड्डा, जिपं डॉ परीक्षित राव, महाप्रबंधक मध्यांचल ग्रामीण बैंक शैलेंद्र बोकाडे, जिला प्रबंधक नाबार्ड इलियस कुजूर, एलडीएम ए.पी सिंह, महाप्रबंधक उद्योग यूबी तिवारी सहित सभी बैंकों की नोडल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

इस तरह बैंकों ने किया गड़बड़झाला

समीक्षा बैठक के दौरान उपसंचालक कृषि केसी अहिरवार ने कलेक्टर को बताया कि उनके यहां 20 किसानों ने बैंकों की लिखित शिकायत में बताया है कि बैंकों ने फसल बीमा के लिये उनसे प्रीमियम राशि जमा करवा ली है। लेकिन यह प्रीमियम बैंकों ने बीमा कंपनी को नहीं दिया। जिसका नतीजा यह हुआ कि इन किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिला। कलेक्टर ने इसें गंभीर मामला बताते हुए कहा कि बैंकों द्वारा यह अमानत में खयानत की गई है। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराओ। लेकिन बैंकों की ओर से आरबीआई के प्रतिनिधि ने इसमें दखल देते हुए मामले को शीघ्र शार्ट आउट कराने की बात कही। डीडीए अहिरवार ने यह भी बताया कि 16 किसान ऐसे हैं जिनकी फसल बीमा की राशि बीमा कंपनी ने बैंकों को दे दी है लेकिन बैंक इसका भुगतान किसानों को नहीं कर रहे हैं। कलेक्टर ने इन दोनों मामलों को तत्काल निराकृत करने कहा साथ ही चेताया कि अगर निराकरण नहीं होता है तो एफआईआर दर्ज होगी।

जब जीएम डीआईसी को झेंपना पड़ा

मुख्यमंत्री उद्यम योजना की समीक्षा के दौरान डीआईसी के महाप्रबंधक यूबी तिवारी ने बैंकों से कहा कि बैंक खुद ही इस योजना के प्रकरण तैयार कर लें और स्वीकृत कर दें। इस पर आरबीआई प्रतिनिधि ने कहा कि यह बैंक का काम नहीं है। जब बैंक यह करेगा तो उद्योग विभाग क्या करेगा? आप का ये काम है। आप प्रकरण भेजिये। हम पात्रता का परीक्षण करेंगे और उसके अनुसार स्वीकृति देंगे। यह सुन जीएम डीआईसी अचकचा गये और बमुश्किल बात संभाली।

टॉप थ्री में बने रहें

कलेक्टर ने कहा कि 28 मार्च को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रदेश स्तरीय और जिला स्तरीय रोजगार मेला आयोजित होगा। अब तक संपन्न हुए दो मेलों में स्व-रोजगार योजनाओं के माध्यम से वित्त पोषण में सतना जिला प्रदेश के अग्रणी 3 जिलों में शामिल रहा है। इस बार के रोजगार मेले में भी अधिक से अधिक प्रकरणों को स्वीकृत कर युवाओं को स्व-रोजगार से जोड़ें, ताकि सतना जिला इस बार भी अव्वल स्थान पर रहे।

इतने बड़े जिले में विभाग को नहीं मिले 50 हजार पशुपालक

कलेक्टर ने पशुपालकों को केसीसी के लक्ष्य के संबंध में बैंकों से कहा कि आप उन्हें केसीसी कार्ड तो स्वीकृत कर दें। बाद में उन्हें जब ऋण लेना होगा तो वे लेते रहेंगे। लक्ष्य तो पूरा होगा। इस पर बैंक अफसरों ने बताया कि हमारे पास आवेदन आएंगे तब न स्वीकृत होंगे। इस पर कलेक्टर ने पाया कि 50200 का लक्ष्य दिया गया है। लेकिन पशुपालन विभाग को इतने पशुपालक ही नहीं मिल रहे हैं। विभाग ने अब तक 7867 पशुपालक ही ढूढ़ सके है। जिनके आवेदन दिये गये हैं। जिस पर बैंक ने 2745 केसीसी स्वीकृत कर दिये हैं। 3045 आवेदन लंबित हैं, जबकि 2077 आवेदन अपात्रता के चलते वापस कर दिए गए हैं।

Published on:
24 Mar 2022 01:52 pm