जेल में राइफल छुड़ाने का मामला, संतरी निलंबित, छतरपुर जेल किया गया अटैच
सतना। केंद्रीय जेल में मामूली विवाद में रायफल छीनने और एक-दूसरे पर तानने के मामले में जेल प्रबंधन ने संतरी अर्जुन रावत को निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान उन्हें छतरपुर जेल में अटैच किया गया है। मात्र पांच दिन के अंदर जेल प्रबंधन ने जांच पूरी करते हुए कार्रवाई कर दी। आनन-फानन में की गई कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि संतरी अर्जुन रावत की पत्नी सावित्री रावत भी केंद्रीय जेल में पदस्थ है। अपनी ड्यूटी को लेकर सावित्री ने गत गुरुवार को जमादार लालजी मिश्रा से बदलाव करने को कहा था। उन्होंने कहा कि बेटा छोटा है, नाइट ड्यूटी होने से परेशानी होती है। इस पर लालजी मिश्रा नाराज हो गए और तेज आवाज में बातचीत शुरू हो गई। संयोग से अर्जुन भी ड्यूटी में थे, पत्नी से बहस होते देख वे भी हस्तक्षेप कर बैठे।
लगभग आधा घंटे तक हंगामा
इसके बाद मामला बढ़ गया और अन्य जेलकर्मी पहुंच गए। उनके माध्यम से जमादार लालजी ने अर्जुन की ड्यूटी रायफल छुड़वा ली और मुख्य प्रहरी सत्यभान सिंह को सौंप दिया। लगभग आधा घंटे तक हंगामा होता रहा। बाद में स्थिति की नजाकत को देखते हुए संतरी अर्जुन सिंह को रायफल सौंपी गई। मामले को लेकर दोनो पक्षों ने विभागीय शिकायत की है, जिसकी जांच हुई। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए। उसके बाद संतरी अर्जुन रावत को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया।
महिला जेलकर्मी ने भी की है शिकायत
मामले में नया मोड़ उस वक्त आ गया, जब महिला जेलकर्मी सावित्री रावत ने लालजी पर गंभीर आरोप लगाए। इस संबंध में उन्होंने लिखित शिकायत करते हुए अभद्रता व छेड़छाड़ तक के आरोप लगाए हैं। उन्होंने जेल प्रबंधन के अलावा मुख्यमंत्री, कलेक्टर, एसपी, थाने सहित विभिन्न आयोगों को शिकायत भेजी है। लेकिन, प्रबंधन ने इन आरोपों पर ध्यान नहीं दिया है।
जेल में तनाव
इन दिनों जेल में सबकुछ बेहतर नहीं चल रहा है। इसके पीछे कारण है कि जेल अधीक्षक को अन्य जेल का प्रभार दिया गया है। इसके चलते वे व्यस्त रहते हैं। उनकी अनुपस्थिति में अन्य अधिकारियों का रवैया भी सवालों में घिरा हुआ है। जेल के अंदर गांजा पहुंचना, तंबाकू मिलना, विवाद के चलते पुलिस वैन का वापस होने जैसे कई मामले हो चुके हैं। शीर्ष प्रबंधन स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पा रहा है।