सतना

डेढ़ महीने बाद सामने आया 2 मिनट 12 सेकंड का वीडियो, सतना के मंदिर में 13 साल की बच्ची की शादी

Satna Child Marriage- सतना में डेढ़ महीने से लापता बच्ची की शादी का वीडियो वायरल होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले में महिला एवं बल विकास विभाग ने भी संज्ञान लिया है।
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Jul 02, 2026
Satna Child Marriage video kidnapped 13 year old girl married in temple
Satna Child Marriage- डेढ़ महीने से लापता बच्ची की मंदिर में शादी का वीडियो वायरल (फोटो सोर्स- Patrika)

Satna Child Marriage video- मध्य प्रदेश के सतना जिले में अपहरण और बाल विवाह का चौंका देने वाला मामला सामने आया है। जिले के बरौंधा थाना क्षेत्र से डेढ़ माह पहले घर से लापता हुई नाबालिग बच्ची की मंदिर में शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की जांच, बाल विवाह रोकथाम व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग संज्ञान लिया है। वायरल वीडियो ने जिले में हड़कंप मचा दिया है।

डेढ़ महीने पहले घर से लापता हुई थी बच्ची

जानकारी के अनुसार, बरौंधा क्षेत्र के एक गांव की 13 वर्ष 6 माह की बच्ची 11 मई 2026 को घर से सामान लेने निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी तलाश के बाद बरौंधा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बहला-फुसलाकर नाबालिग को भगाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

मंदिर में बच्ची की शादी का वीडियो वायरल

इसी बीच पाथरकछार गांव स्थित देवी दाई मंदिर में उसी नाबालिग की एक युवक के साथ शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में दोनों फेरे लेते दिखाई दे रहे हैं, जबकि विवाह समारोह में कुछ अन्य लोग भी मौजूद नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि यदि बच्ची नाबालिग थी तो मंदिर में विवाह कैसे संपन्न हो गया और इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन या पुलिस को क्यों नहीं लगी।

बताया जा रहा है कि बच्ची छठवीं कक्षा की छात्रा है और उसकी उम्र 14 वर्ष से भी कम है। ऐसे में बाल विवाह और नाबालिग से विवाह दोनों ही कानूनन गंभीर अपराध हैं। प्रोहिबिशन ऑफ चाइल्ड मैरिज एक्ट-2006 तथा पॉक्सो एक्ट के तहत नाबालिग से विवाह कराने, उसमें सहयोग करने या आयोजन में शामिल होने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने लिया संज्ञान

महिला एवं बाल विकास विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्ची को गुरुवार को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की बात कही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार समिति के समक्ष बयान दर्ज होने और परिस्थितियों की समीक्षा के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि यह मामला मेरी जानकारी में नहीं था। टीआई बरौंधा से चर्चा की गई है। गुरुवार को बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
02 Jul 2026 05:04 pm