
सतना। बिहार के लखीसराय में नीट रि-एग्जाम (NEET UG Re Exam) के दौरान फर्जी परीक्षार्थी के रूप में पकड़े गए सतना मेडिकल कॉलेज के छात्र हिमांशु कुमार के निवास से जुड़े चौंकाने वाले दस्तावेज सामने आए हैं। बिहार पुलिस के अनुसार नीट रि-एग्जाम में बतौर साल्वर पकड़ा गया हिमांशु कुमार (Himansu Kumar) मूल रूप से बिहार के सुपौल जिले के पथरा थाना क्षेत्र के जोल्हनिया का निवासी है। लेकिन सतना मेडिकल कॉलेज (Satna Medical College) में हिमांशु ने अपने एडमिशन के दौरान जो दस्तावेज लगाए हैं वह भोपाल जिले के हुजूर तहसील के हैं। यह जानकारी सामने आने के बाद मामला अब और संदिग्ध हो गया है और सवाल यह भी खडे़ हो गए हैं कि कहीं उसने भी तो फर्जी तरीके से एडमिशन प्राप्त नहीं किया था। उधर इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन अभी कुछ भी कहने से इंकार कर रहा है। उनके अनुसार अभी छात्र को लेकर पुलिस या अन्य एजेंसियों की ओर से कोई भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लिहाजा अभी कुछ भी नहीं कह सकते हैं।
बिहार पुलिस ने हिमांशु को सुपौल जिले का निवासी बताया
मिली जानकारी के अनुसार बिहार के लखीसराय पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से 22 जून को शाम 8.07 बजे जारी की गई पोस्ट में नीट पुनर्परीक्षा के फर्जीवाड़े का खुलासा किया गया है। जिसमें पुलिस अधीक्षक लखीसराय द्वारा बताया गया है कि शासकीय मेडिकल कॉलेज सतना के प्रथम वर्ष के छात्र हिमांशु कुमार को फर्जी परीक्षार्थी के रूप में पकड़ा गया है। हिमांशु यहां शुभम कुमार वर्मा के नाम पर परीक्षा देने पहुंचा था। लखीसराय पुलिस की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में हिमांशु कुमार पिता शिवनारायण साह को जिला सुपौल के थाना क्षेत्र पथरा के ग्राम पथरा का निवासी बताया गया है। हिमांशु को शुभम कुमार वर्मा के नाम से परीक्षा देने पहुंचा था।
मेडिकल कॉलेज के रिकार्ड में भोपाल निवासी
पत्रिका द्वारा जुटाई गई जानकारी के अनुसार हिमांशु कुमार पिता शिव नारायण ने सतना मेडिकल कॉलेज में अपने जो दस्तावेज जमा किये हैं उसमें उनका निवास भोपाल जिले का है। मेडिकल कॉलेज में जमा हिमांशु के निवास प्रमाण पत्र के अनुसार वह भोपाल जिले के हुजूर तहसील के वार्ड नंबर 38 स्थित 80 फीट रोड का रहने वाला है।
7 जून से अवकाश पर गया
जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार हिमांशु कुमार सतना मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र है और घर जाने का हवाला देता हुए वह 7 जून को अवकाश का आवेदन देकर छुट्टी पर चला गया। उसने अपने आवेदन में 22 जून तक ही छुट्टी लगाई थी। यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि 21 जून को नीट री-एग्जाम था। हिमांशु की छुट्टी 22 को खत्म हो चुकी है लेकिन वह अभी तक वापस नहीं लौटा है। छुट्टी पर जाने के बाद उसके मेडिकल कॉलेज के क्लास मैट्स से एक दो दिन ही बात हुई थी। उसके बाद से उसका सतना में किसी से संपर्क नहीं हुआ। अब उसका मोबाइल बंद है और उसके परिजनों का नंबर भी बंद बता रहा है।
"हमे हिमांशु कुमार को लेकर न तो बिहार पुलिस न ही किसी एजेंसी से कोई आधिकारिक जानकारी मिली है। लिहाजा अभी हम कुछ भी कहने में असमर्थ है। इस नाम से प्रथम वर्ष में एक छात्र दर्ज है।" - डॉ एसपी गर्ग, डीन मेडिकल कॉलेज
Updated on:
26 Jun 2026, 8:55 AM IST
Published on:
26 Jun 2026, 8:55 AM IST
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