सतना

हड़ताल पर सख्ती: नगरीय निकाय कर्मचारियों पर एस्मा लागू, दो का निलंबन, एक को हटाने का नोटिस

पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता कार्य अत्यावश्यक सेवाएं घोषित

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Jul 17, 2018
satna nagar nigam employee Strike news in hindi

सतना। नगरीय निकाय कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के कारण निकाय की पेयजल आपूर्ति और सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो गई। बारिश के मौसम में इन सेवाओं के बाधित होने से आपात स्थितियां बन गईं। वर्षाजन्य बीमारियों की स्थिति भी बनने लगी। इसको देखते हुए राज्य शासन ने पेयजल आपूर्ति एवं स्वच्छता कार्य को सुनिश्चित करने के लिए आगामी एक माह तक के लिए इन्हें अत्यावश्यक सेवाएं घोषित करते हुए कर्मचारियों में एस्मा लगा दिया है।

एस्मा लगाए जाने के साथ ही अब कार्य से अनुपस्थित रहने वाले और कार्य न करने वाले कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की जा सकेंगी। इधर, नगर निगम में एस्मा के बाद कार्य बाधित करने वाले दो कर्मचारियों को निलंबन सहित एस्मा की कार्रवाई का नोटिस जारी कर दिया गया है। एक कर्मचारी को सेवा से पृथक करने का नोटिस दिया गया है। दरअसल, अपनी मांगों के समर्थन में नगरीय निकाय के सफाई कामगार, कम्प्यूटर ऑपरेटर व कार्यालयीन कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे।

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यह है आदेश
राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि मप्र शासन, नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश क्र. 1678/2866/2018 /18-1 भोपाल, दिनांक 16 जुलाई 2018 राज्य शासन द्वारा अधिसूचना जारी कर आदेशित किया जाता है कि राज्य शासन को यह समाधान हो गया कि नगरीय निकायों के क्षेत्रांतर्गत पेयजल आपूर्ति एवं स्वच्छता कार्य सुनिश्चित करने की आपात स्थिति विद्यमान है। अत: राज्य शासन द्वारा म.प्र नगर पालिक निगम अधि. 1956 की धारा 65 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए म.प्र. अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विछिन्नता निवारण अधि. 1979 के प्रावधानों के अंतर्गत निकायों में पेयजल तथा स्वच्छता कार्य को आदेश जारी होने के दिनांक से आगामी एक माह तक के लिए अत्यावश्यक सेवा घोषित किया जाता है।

हो सकती है बड़ी कार्रवाई
राज्य शासन द्वारा पेयजल एवं स्वच्छता कार्य को अत्यावश्यक सेवाएं घोषित करने के बाद भी नगर निगम सतना में राजू भारती उप स्वच्छता पर्यवेक्षक (सफाई जमादार), सोहन बनाफर स्वच्छता संरक्षक एवं विमल भारती मस्टर श्रमिक द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था को बाधित करने के उद्देश्य से स्वच्छता कार्य में लगे सफाई कर्मचारियों को कार्य में न उपस्थित होने के लिए बाध्य किया गया। इसके कारण शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। इस पर राजू भारती उप स्वच्छता पर्यवक्षक, सोहन बनाफर स्वच्छता संरक्षक एवं विमल भारती मस्टर श्रमिक के कृत्य को कर्मचारी आचरण के विरुद्ध होकर कदाचरण की श्रेणी में माना गया है। साथ ही साथ म.प्र. अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विछिन्नता निवारण अधिनियम 1979 का उल्लंघन होने के कारण राजू भारती, सोहन बनाफर को निलम्बित किए जाने एवं एस्मा के तहत कार्रवाई करने की नोटिस जारी की गई है। विमल भारती को सेवा से पृथक करने की नोटिस दी गई है।

हड़ताल से बिगड़े हालात
सोमवार को हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के मंच पर कांग्रेसी पहुंचे। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने नगर निगम कर्मचारियों की विगत ६ दिनों से जारी हड़ताल का पूर्ण समर्थन करते हुए राज्य सरकार से मांग की है कि उनकी वर्षों से लम्बित जायज मांगों को पूरा कर नागरिकों को इस हड़ताल से होने वाली परेशानियों से निजाद दिलाएं। हड़ताल से सफाई व्यवस्था ठप है।

निगम आयुक्त ने की सहयोग की अपील
एस्मा लागू होने के बाद निगमायुक्त ने स्वच्छता एवं पेयजल से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों से अपील की है कि वह राज्य शासन द्वारा घोषित की गई अत्यावश्यक सेवाओं के तहत अपने कत्र्तव्यों पर वापस आकर सौंपे गये दायित्व का पूर्णनिष्ठा से निर्वहन करें। किसी भी तरह की लापरवाही न करें। असुविधा से बचें और नगर को मूलभूत सुविधाएं समय पर मुहैया कराने में पूर्ण सहयोग प्रदान करें।

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Published on:
17 Jul 2018 03:50 pm
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