नई पाइपलाइन से नहीं मिल रहा पानी, जर्जर सड़कें दे रहीं जख्म
सतना। शहर के अंदर सबसे सुविधा वाला वार्ड क्रमांक-25 निगम प्रशासन की उपेक्षा का शिकार हो गया। इस वार्ड में जिला अस्पताल, सर्किट हाउस, व्यंकट-2 विद्यालय, रेलवे स्टेशन, पुष्करिणी पार्क, लाइबे्ररी, शासकीय कन्या महाविद्यालय, जगतदेव तालाब सहित अन्य सुविधाएं मौजूद हैं। फिर भी, निगम की ओर से इस प्रमुख वार्ड की दुर्गति कर दी गई।
हर मर्तबा निर्माण कार्य से लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन व लाभ को लेकर यहां के लोगों को उपेक्षित होना पड़ता है। कई निर्माण कार्य फाइल में दबकर रह गए। स्ट्रीट लाइट से लेकर साफ-सफाई व अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए निगम के कई बार चक्कर पार्षद ने काटे पर नतीजा सिफर रहा।
तालाब का सौंदर्यीकरण फाइल में
नगर के सबसे पुराने जगतदेव तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए कई बार फाइलों में प्लान तैयार हुआ। लेकिन, जमीनी रूप नहीं ले सका। कभी छोटे फब्बारे लगाकर वाहवाही लूटी गई तो कभी सफाई अभियान चलाकर जनता का भरोसा जीता गया। हाल ही में अमृत योजना के तहत इस तालाब को विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिसे एमआइसी ने मंजूरी भी दे दी। लेकिन, फाइल से निकलकर काम नहीं हो रहा।
बदहाल पार्क, सूखे पौधे
यहां का पुष्करिणी पार्क दशक पहले हर मनोरंजन के संसाधन से लवरेज था। चारों तरफ हरियाली व जानवर प्रमुख पहचान थी। अब न जानवर रहे न ही घूमने लायक पार्क। पार्षद का आरोप है, कई बार इस संदर्भ में निगम का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए पत्र लिखा गया। फिर भी कोई मतलब नहीं निकला।
पानी का रोना
घनी आबादी वाली यह बस्ती मार्केट से जुड़ी है। पाइप लाइन से लेकर नाममात्र के लिए हैंडपंप लगे हुए हैं। परंतु निगम पानी नहीं उपलब्ध करवा पा रहा। इसको लेकर स्थानीयजनों में आक्रोश है। पेयजल के लिए लोग यहां से वहां भटकते दिखाई पड़ते हैं। सफाई का आलम यह है कि नालियां चोक पड़ी हैं। बीएलसी घटक के तहत यहां लोग मकान बनवा रहे हैं, जो राहत की बात है।
हकीकत
- वार्ड क्रमांक- 25
- वार्ड का नाम- तुलसी राम थापा
- क्षेत्र- पुष्पराज कालोनी, रीवा रोड के एक हिस्से से जगतदेव तालाब रोड, रेलवे स्टेशन का एक हिस्सा
- आबादी- 6312
- अजा जनसंख्या- 503
- अजजा जनंसख्या- 465
- मतदाता- 4220
- पुरुष- 2214
- महिला- 2006
- पार्षद- सुशील सिंह
पार्षद बोले
नगर निगम ने हमेशा मेरे वार्ड को उपेक्षा की नजर से देखा है। जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं होता तो मुझे सुनना पड़ता है। हर सुविधा यहां होने के बाद भी व्यवस्था बेहतर न होने के कारण मुंह की खानी पड़ती है।
सुशील सिंह 'मुन्ना', पार्षद
नई पाइपलाइन नहीं बिछी है। इस कारण पेयजल समस्या है। पुरानी पाइपलाइन से पेयजल मिल रहा है। नालियों की सफाई नहीं होती है।
केशकली चौधरी
कई इलाकों में रात को स्ट्रीट लाइट नहीं जलती है। कुछ इलाकों में दिन में भी लाइट जलती रहती है। कई बार निगमकर्मी से शिकायत की गई।
विजय कुमार रजक
सड़कों की सफाई नहीं होती है। वार्ड बड़ा होने के कारण सफाईकर्मी नियमित नहीं आते हैं। निगम कर्मचारियों द्वारा सुना नहीं जाता है।
सुभरनिया
पेयजल की समस्या को लेकर जब बोला जाता है तो पानी पहुंचाया जाता है। गर्मी आते ही पेयजल की समस्या बढ़ जाती है। कोई सुनने वाला नहीं है।
बेबी रजक
पेयजल की समस्या बीते कुछ दिनों से बढ़ गई है। हर गर्मी में पेयजल की समस्या बढ़ जाती है। बरसात के दिनों में पानी भरता है।
तिजिया बाई
पार्क में आवारातत्वों का जमावड़ा लगता है। पार्क को व्यवस्थित करने की जरूरत है। गरीबों के लिए पार्क में कोई सुविधाएं नहीं हैं। वार्ड में सफाईकर्मी कम हैं।
राम बाई चौधरी
कई जगह पानी मिलता है तो कई इलाकों तक पानी नहीं पहुंच पाता है। नई पाइपलाइन बिछाने के कारण सड़कों को खोद दिया गया है।
अनीता
नई पाइप लाइन बिछाने के लिए घरों के सामने गड्ढा खोदने के बाद उसे सही नहीं किया गया। कई बार कहा गया लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
बितानी कोल