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सावधान! MP के इस जिला अस्पताल में मंडराती है मौत, फिर भी जिम्मेदार बने बेसुध

एसएनसीयू, नैदानिक केंद्र में हो चुकी है बड़ी घटना, खुले तारों से शार्ट सर्किट का खतरा

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district govt. hospital satna, madhya pradesh

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सतना। जिला अस्पताल आने वाले मरीज और परिजनों की जिंदगी खतरे में है। यहां ओपीडी से लेकर वार्ड तक जगह-जगह बिजली के तार खुले हुए हैं। इन खुले तारों से शार्ट सर्किट का खतरा हमेशा बना रहता है। लेकिन, जिम्मेदार इससे बेसुध हैं। उनको मेंटीनेंस की याद तभी आती है, तब कोई हादसा हो जाता है। इन वार्डों में भर्ती मरीज और परिजनों ने बताया कि खुले तारों में आए दिन चिंगारी उठती रहती है। अस्पताल प्रबंधन के जिम्मेदार दो हादसों के बाद भी नहीं चेते हैं।

जांच केंद्र, वार्डों में हो रहे शार्ट सर्किट की जानकारी समय-समय पर महकमे के जिम्मेदारों को दी जाती है। इसके बावजूद विद्युत कनेक्शन के तारों को व्यवस्थित नहीं किया जा रहा है। जबकि मरम्मत व सुधार कार्य के लिए तीन इलेक्ट्रीशियन पदस्थ किए गए हैं। जिम्मेदारों की यह अनदेखी कभी भी मरीजों व परिजनों को भारी पड़ सकती है।

इन घटनाओं से भी नहीं लिया सबक

1. मुश्किल से बची थी 36 मासूमों की जान
24 जून 2014 की काली शाम जिला अस्पताल के स्टॉफ को अच्छे से याद होगी। शार्ट सर्किट से एसएनसीयू में अचानक आग लग गई। उस दौरान आउट बॉर्न और इन बॉर्न यूनिट में 36 मासूम दाखिल थे। आग लगने से वार्डों में भर्ती मरीज और उनके परिजन दहशत में आ गए थे। अस्पताल में भगदड़ की स्थिति बन गई थी। अधिकांश वार्ड खाली हो गए थे। परिजनों को परिसर में विलखता देख स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बड़ी मुश्किल से सभी 36 मासूमों की जान बचाई थी।

2. जब नैदानिक केंद्र में मची अफरा-तफरी
जिले के सबसे बड़े क्षेत्रीय जांच केंद्र नैदानिक केंद्र में ओपीडी के दौरान सोनोग्राफी, एक्स-रे, पैथोलॉजी, इसीजी, फिजियोथैरिपी सहित अन्य जांच के लिए मरीजों की भीड़ लगी रहती है। 22 मार्च 16 को भी जांच केंद्र में 150 से अधिक रोगी मौजूद थे। रोगियों के बैठने की जहां व्यवस्था है ठीक उसके पीछे शार्ट सर्किट से आग भड़क गई थी। औचक आग धंधकने से इकाई में भगदड़ की स्थिति बन गई थी। इससे गिरकर दो पीडि़त घायल भी हो गए थे। मौके पर मौजूद रेडियोग्राफर और टेक्नीशियन ने जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाया था।

रिनोवेशन चल रहा है
वार्डों में विद्युतीकरण और रिनोवेशन का कार्य चल रहा है। ओपीडी, जांच केंद्र में विद्युत कनेक्शन के तार निकले हुए हैं। शीघ्र सुधार कराया जाएगा।
- इकबाल सिंह, अस्पताल प्रशासक