पानी मिला, लेकिन बिजली और सड़क को तरस रही जनता
सतना। सतना-चित्रकूट मार्ग के एक छोर पर बसा बगहा छत्रसाल वार्ड क्रमांक तीन अपनी बदहाली की तस्वीर खुद बयां कर रहा है। जलावर्धन योजना की बदौलत यहां की जनता को पानी तो मिला, लेकिन बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं आज तक नहीं मिल सकी हैं।
पार्षद ऊषा दुबे के घर तक ही निगम प्रशासन सड़क नहीं बनवा पाया है। वार्ड की अन्य कॉलोनियों की बात दूर है। नाली न होने के कारण कच्ची सड़क पर पानी का भराव होता है। बरसात के दिनों में हालात बद से बदतर हो जाते हैं। 70 फीसदी क्षेत्र में पक्की सड़क का अभाव है।
न पैसा वापस हुआ न शौचालय बन सका
जो बनी भी हैं वे खंडहर में परिवर्तित हो चुकी हैं। सड़क की जगह सिर्फ गिट्टी दिखाई पड़ रही है। व्यक्तिगत शौचालय बनाने के नाम पर 30 हितग्राहियों का पैसा लेकर नगर निगम का ठेकेदार गायब हो गया। कई बार शिकायत भी दर्ज करवाई गई। नतीजा सिफर रहा। न पैसा वापस हुआ न शौचालय बन सका। क्षेत्र आज भी अविकसित वार्ड की श्रेणी में खड़ा है।
बिजली का रोना
वार्ड तीन के रहवासी बिजली किल्लत से जूझ रहे हैं। प्रमुख मार्ग पर साल भर पहले विद्युत पोल लगाए गए थे। उसमें अब तक प्रकाश व्यवस्था नहीं की गई। वार्ड के अंदर कई एेसी जगह है जहां पोल भी नहीं लगाए जा सके हैं। इसके लिए पार्षद ऊषा दुबे ने कई बार निगम प्रशासन से पत्र व्यवहार किया। लेकिन, निगम टालमटोल का रवैया अपनाए रहा। लिहाजा, रात होते ही वार्ड अंधेरे में तब्दील हो जाता है।
ओडीएफ शहर को करारा तमाचा
नगर निगम शहर को ओडीएफ की फेहरिस्त में शामिल करवा चुका है। जमीनी हकीकत में अभी भी यहां के रहवासी खुले में शौच को मजबूर हैं। एक तो व्यक्तिगत शौचालय बनवाने में निगम की लापरवाही सामने आई। ठेकेदार पैसे लेकर हितग्राहियों से ठगी कर गया। बहरहाल, निगम प्रशासन के ओडीएफ तमगे को करारा तमाचा यहां की तस्वीरें मार रही हैं।
पांच तालाब के बीच बसा वार्ड
यह वार्ड बगहा, सनसगरा, बरहा, गेरूहा, गढि़या तालाब के बीच बसा है। किसी तालाब में पानी से ज्यादा जलकुंभी लगी है तो कोई सूखे की मार झेल रहा है। सौंदर्यीकरण के नाम पर इन तालाबों के ऊपर फूटी कौड़ी निगम ने खर्च नहीं की। सिर्फ अतिक्रमण और मुरूम खुदाई का दर्द तालाबों को झेलना पड़ा।
सीवर प्रोजेक्ट जी का जंजाल
वार्ड के कई मोहल्लों में सीवर लाइन निगम प्रशासन द्वारा बिछवाई गई। गटर भी बनवाए गए। लेकिन, न तो गुणवत्ता पूर्ण कार्य हुआ न ही सुव्यवस्थित तरीके से लाइन का संजाल बिछाया गया। कई एेसे स्पाट हैं जहां संविदा कंपनी खुदाई कर वार्ड से बाहर निकल गई। इसके कारण कई लोग गड्ढे में फंसकर चोटिल हो गए। आवागमन के दौरान वाहन भी फंसते रहे हैं।
पेयजल व्यवस्था में पहले की अपेक्षा सुधार हुआ है। सड़क, बिजली, नाली की समस्या है। सीवर लाइन बिना प्लान के बिछाई गई। ठेका कंपनी सड़क खोदकर चली गई।
ऊषा दुबे, पार्षद (निर्दलीय)
वार्ड में सफाई कभी कभार होती है। प्रधानमंत्री योजना का पैसा हम गरीबों को अभी तक नहीं मिला है। गरीबों के लिए पानी मिलने की कोई योजना नहीं है। वार्ड में सुविधा का नाम पर कुछ भी नहीं है।
सुदर्शन चौधरी
हमारे घर के आसपास खंभा नहीं है। इस कारण रात को अंधेरा रहता है। चोरी की समस्या बनी रहती है। कई बार शिकायत की गई आज तक कुछ नहीं हुआ है।
छोटे केवट
हम वार्ड में हुए कार्य से असंतुष्ष्ठ हैं। नाली का निर्माण न होने से काफी दिक्कत है। नाली में पानी भरा होने के कारण गंदगी व्याप्त रहती है। कई बार शिकायत की गई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया है।
सुशील पाण्डेय
नई पाइप लाइन से कनेक्शन के लिए रसीद कटवाने के बाद भी आज तक कनेक्शन नहीं जुड़ा है। इसकी शिकायत कई बार करने के बाद भी सुनने वाला नहीं है।
आशुतोष गर्ग
वार्ड का जो इलाका शहर से लगा है वहां सभी सुविधाएं दी गई हैं। ग्रामीण इलाकों में सड़क तक सही नहीं है। इस कारण काफी दिक्कत होती है। नइलाइन के कारण पानी की समस्या कम है।
धर्मेंद्र सिंह
हमारे वार्ड में पांच तालाब होने के बाद भी कोई भी व्यवस्थित नहीं है। तालाबों में घाट बनने से वार्ड की जनता को तालाबों का लाभ मिल सकता है। सड़क का निर्माण होना आवश्यक है।
संतोष कुमार द्विवेदी
नई पाइपलाइन का पानी फोर्स से नहीं आता है। इस कारण पेयजल की समस्या बनी रहती है। कई बार पार्षद से शिकायत करने के बाद कुछ सुधार हुआ है। गलियों में सफाई कम होती है।
रामसुरेश पाण्डेय
वार्ड में कई इलाके ऐसे हैं जहां लाइट पहुंची ही नहीं है। आधा वार्ड ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण विकास तेजी से नहीं हो पाया है।
तीरथ प्रसाद बडग़ैयां
वार्ड में सीवर लाइन का काम सही तरीके से न होने के कारण आम जनता को काफी दिक्कत होती है। घर के सामने सड़क को पुन: बनवाया नहीं गया है। इससे परेशानी हो रही है।
शैलेन्द्र सिंह
हमारे इलाके में नाली नहीं है। कहा जाता है कि सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा। लेकिन अभी तक सीवर लाइन से जोड़ा भी नहीं गया। पेयजल समस्या नई लाइन चालू होने के कारण कुछ कम हुई है।
राम किशोर गर्ग
सफाई को लेकर कई बार शिकायत करने के बाद भी सफाई करने वाले सुनते नहीं हैं। नालियों में पन्नियों की सफाई न होने सेा गंदा पानी आगे निकलता नहीं है। सफाई न होने के कारण दिक्कत बढ़ी है।
रामदीन चौधरी
हमारे घर के सामने से निकलने वाली सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। इस कारण दिक्कत बनी हुई है। बरसात के दिनों में पैदल चलने में मुश्किल होती है। समस्याओं का निदान करने वाला कोई नहीं है।
केशकली चौधरी
हमारे घर के सामने जो तालाब है वह पूरी तरह से खराब हो चुका है। निस्तार होता है। कई बार अफसर से कहा, आज तक कोई नहीं सुना है।
शेरु केवट
हम लोगों के कच्चे मकान हैं। हमारे यहां पानी तो आता है लेकिन पहले जिस रफ्तार से पानी आता था, अब पानी की रफ्तार कम हो गई है। इस कारण काफी दिक्कत होती है।
राजकली चौधरी