विकास की आड़ में कमीशनखोरी का खेल पीएचई के अधिकारियों ने कुछ ऐसा खेला कि जहां बिजली नहीं है वहां भी हैंडपंप निकाल कर लगा दिए विद्युत पंप। नतीजा ये हुआ कि अब इन स्थानों में पीने को नहीं मिल पा रहा है बूंद भर पानी। कलेक्टर ने मामला संज्ञान में आने पर तत्काल पंप निकाल कर हैण्डपंप लगाने के निर्देश दिए।
सतना। जिले के लगभग 300 विद्यालयों में गंभीर पेयजल संकट की स्थिति पीएचई के अधिकारियों की अनदेखी की वजह से बन गई है। दरअसल जिन विद्यालयों में बिजली कनेक्शन नहीं है वहां पर पहले से लगे चालू हैण्डपंपों को निकाल कर विद्युत सबमर्सिबल लगा दिए गए। बिना बिजली के सबमर्सिबल पंप बेकाम पड़े हैं और यहां पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। समय सीमा बैठक में डीपीसी द्वारा यह जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने पीएचई के अफसरों पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि विकास के नाम पर आप लोगों ने समस्या खड़ी कर दी है। निर्देशित किया है कि जहां भी बिजली कनेक्शन नहीं है वहां की मोटर निकालकर हैण्डपंप स्थापित कर जल संकट दूर किया जाए। आगे चुनाव भी आने वाले हैं लिहाजा उस दौरान मतदान केन्द्र में पेयजल व्यवस्था भी दुरुस्त चाहिए होगी। इस दौरान जिपं सीईओ डॉ परीक्षित झाड़े, निगमायुक्त अभिषेक गहलोत, अपर कलेक्टर ऋषि पवार सहित सभी एसडीएम व विभागों के जिला प्रमुख मौजूद रहे।
दर्ज कराओ एफआईआर
कलेक्टर ने अरगट में हुई धान खरीदी फर्जीवाड़े में दर्ज कराई गई एफआईआर के मामले में इसमें शामिल किसानों का नाम भी एफआईआर में दर्ज कराने के निर्देश दिए। दरअसल यहां पर कई फर्जी किसानों के नाम पर धान खरीदी दिखा दी गई। जिसका भुगतान इन फर्जी किसानों को हो गया। लेकिन इसके चलते वास्तविक किसानों को भुगतान की राशि घट गई और वे भुगतान से वंचित हैं। कलेक्टर ने कहा कि इन किसानों से वसूली की जाकर पात्र किसानों को राशि दिलाएं और संबंधितों पर एफआईआर दर्ज कराएं। इसी तरह से करुआ वेयर हाउस पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए। यहां वेयर हाउस संचालक ने खाद्यान्न जमा करने की रसीद दे दी है और अब उसे आनलाइन नहीं कर रहा है। इससे किसानों को भुगतान नहीं हो रहा है। कलेक्टर ने कहा कि अगर ऑनलाइन नहीं होता है तो वेयर हाउस और खरीदी केन्द्र दोनों पर पेनाल्टी तय की जाएगी।
नगरीय निकायों के उड़े होश
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगरीय निकायों पर नाली नालों में सीवरेज छोड़ने को लेकर भारी भरकम जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना एनजीटी के आदेश पर लगाया गया है। नगरीय निकायों ने टीएल बैठक में इससे राहत की मांग कलेक्टर से की। कलेक्टर ने कहा कि एनजीटी के आदेश का पालन करते हुए जुर्माना भरो अन्यथा अगर अपील का प्रावधान है तो अपील करो। लेकिन इसमें कोई राहत नहीं मिलेगी।
राजस्व अधिकारियों पर नाराजगी
सीएम हेल्पलाइन के लंबित मामले सबसे ज्यादा राजस्व विभाग के मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की। कहा, लगातार यह स्थितियां बनी रहना ठीक नहीं है। अधिकारी गंभीरता से निराकरण करें। इस दौरान हाईकोर्ट के लंबित मामलों की समीक्षा की। पाया गया कि शिक्षा विभाग के सबसे ज्यादा 118 मामले लंबित है। कलेक्टर ने डीईओ से कहा कि सभी में तत्काल जवाब देकर शासन का पक्ष रखें।
23 को स्कूटी वितरण
मेधावी छात्रों को स्कूटी वितरण का कार्यक्रम 23 अगस्त को होगा। भोपाल में मुख्यमंत्री प्रतीकात्मक वितरण करेंगे। सतना जिले का कार्यक्रम व्यंकट क्रमांक 1 के मैदान में रखा गया है। कलेक्टर ने सभी तैयारियां बेहतर करने के निर्देश दिए।