हाल-ए-सतना रेलवे स्टेशन: यात्रियों को पानी उपलब्ध कराने की कवायद को झटका
सतना/ रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों को पीने के लिए स्वच्छ और ठंडा पानी उपलब्ध कराने के लिए स्टेशन पर वाटर वेंडिंग मशीनें लगवाई गई हैं। इनके संचालन का जिम्मा वेंडर को दिया गया है। वेंडर की मनमानी के चलते एक वाटर वेंडिंग मशीन खराब है तो दूसरे से रेट सूची गायब है। ऐसी ही स्थिति मंगलवार की शाम 7:58 बजे देखने को मिली। यात्रियों को मजबूरी में मनमानी कीमत देकर स्टॉल से बोतल बंद पानी खरीदना पड़ा।
मामले की जानकारी आईआरसीटी, कॉमर्शियल शाखाा सहित अन्य जिम्मेदारों को भी है पर वेंडर से मिलीभगत के चलते सभी चुप्पी साधे हैं। इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को आरओ द्वारा शुद्ध किया गया सुरक्षित और ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्लेटफार्म क्रमांक एक की आेर दो वाटर वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं। इनमें से एक मशीन महीनों से बंद पड़ी है। दूसरी मशीन चालू है, लेकिन पानी की रेट सूची गायब है।
मशीन के सामने युवकों का जमावड़ा
वाटर वेंडिंग मशीन के सामने शाम होते ही युवकों का जमावड़ा लग जाता है। उनका वाटर वेंडिंग मशीन से कोई लेना देना नहीं है। यात्रियों द्वारा रेट के संबंध में पूछताछ करने पर अभद्रता करने पर उतारू हो जाते हैं। आईआरसीटीसी के जिम्मेदार बचाव करते हुए सफाई देते हैं कि रेलवे के अधिकृत लोग ही काउंटर के सामने बैठते हैं।
स्टॉल से पानी खरीदना मजबूरी
रेलवे प्रशासन के जिम्मेदारों की लापरवाही से यात्रियों को सुरक्षित और ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में स्टॉलों से मनमानी कीमत देकर बोतल बंद पानी खरीदना पड़ रहा है। वेंडिंग मशीन से जहां पांच रुपए में एक लीटर पानी मिलता है, वहीं बोतल बंद एक लीटर पानी 15 से 20 रुपए में खरीदना पड़ रहा है।
रेट सूची का नहीं दे पाए जवाब
आईआरसीटीसी के जिम्मेदार वाटर वेंडिंग मशीन काउंटर पर रेट सूची क्यों नहीं लगाई है? इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए। कहा कि औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेंगे। कुछ खामियां सामने आईं तो दूर कराने का प्रयास करेंगे।
रेलवे स्टेशन पर लगाई गई दोनों वाटर वेंडिंग मशीनें चालू हैं। दूसरे में ऑपरेटर नहीं है, सिक्का डालने पर पानी निकलता है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी है तो औचक निरीक्षण कर सुधार कराएंगे।
बहादुर सिंह, एरिया मैनेजर, आईआरसीटीसी