सरकारी गेहूं पर भ्रष्टाचार का दीमक, शेर गंज गोदाम में पकड़ा गया घटिया गेहूं, कलेक्टर ने दिए FIR के आदेश
सतना। खरीदी केंद्र से घटिया गेहूं सरकारी गोदामों में जमा कराया जाने लगा है। वेयर हाउस अधिकारियों की सक्रियता से एक ऐसा ही मामला पकड़ में आया। मंगलवार को मझगवां और जैतवारा सोसायटी का घटिया फंफूद लगा गेहूं जमा होने पहुंचा। मामले की सूचना कलेक्टर मुकेश शुक्ला तक पहुंची। उन्होंने तत्काल डीएमओ को मौके पर जाकर परीक्षण करने के निर्देश दिए।
हालांकि डीएमओ मामले में टाल मटोल वाला रवैया अपनाते नजर आए। इस पर कलेक्टर ने दो टूक निर्देश दिए कि इस पूरे मामले में एफआइआर दर्ज कराओ। अन्यथा आप भी इसके लपेटे में आओगे। बहरहाल देर शाम तक स्थिति यह रही कि डीएमओ ने कलेक्टर के आदेश के विपरीत घटिया गेहूं वापस खरीदी केन्द्र को लौटा दिया है।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार शेरगंज गोदाम में दोपहर को मझगवां और जैतवारा सोसायटी का गेहूं पहुंचा। जब इस गेहूं का परीक्षण वेयर हाउस के स्टाफ ने किया तो वह अमानक स्तर का पाया गया। इधर, इसकी सूचना कलेक्टर तक पहुंची। कलेक्टर ने डीएमओ को मौके पर भेजा और जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उधर मौके पर पहुंचे डीएमओ ने इस गेहूं को अमानक तो माना और इसे वापस खरीदी केन्द्र भेजने की बात कही।
500 बोरा गेहूं लौटाया
डीएमओ श्याम मिश्रा ने बताया कि 500 बोरा गेहूं खराब निकला है। ऐसे में एक पूरा ट्रक गेहूं जिसमें लगभग 400 बोरी और 100 बोरी अन्य गेहूं को खरीदी केन्द्र वापस भेज दिया गया है। जब उनसे कलेक्टर के निर्देश की बात कही गई तो उन्होंने कहा कि एफसीआई से मान्य है कि गेहूं में कुछ परसेन्ट तक दीमक, घुन भी मान्य होती है। एफसीआई वाले भी सैम्पल ले गए हैं।
कलेक्टर ने लगाई फटकार
कलेक्टर ने डीएमओ से गेहूं की जानकारी ली तो डीएमओ ने बताया कि दीमक लगने के कारण गेहूं खराब हुआ है। कलेक्टर ने सवाल किया कि दीमक कैसे लगी मतलब गेहूं पुराना था। जिस पर डीएमओ ने सफाई दी कि वारदाने ही खराब भेजे गए थे। जिस पर कलेक्टर ने तल्खी दिखाई और कहा कि घटिया वारदाने किसने सप्लाई किए उसका प्रतिवेदन दो। इस पर डीएमओ उलझते नजर आए। तब कलेक्टर ने चेताया, डीएमओ साहब इस मामले में आप खुद गलत नजर आ रहे हैं। स्पष्ट प्रतिवेदन दो और इस पर एफआईआर कराओ।
वीसी में सीएम के थे निर्देश
विगत दिवस मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीदी के मामले में वीडियो कॉन्फे्रंस में निर्देश दिए थे कि दूसरे राज्यों की सीमा से लगे खरीदी केन्द्रों में गेहूं खरीदी की गहन निगरानी की जाए। मामले में गड़बड़ी मिलने पर कलेक्टर स्वयं एफआइआर करवाएं।
खराब गेहूं पर एफआईआर के निर्देश
कोई गेहूं वापस नहीं होगा। मामले में डीएमओ को स्पष्ट ताकीद कर दी गई है कि खराब गेहूं पर एफआईआर की जाए। आदेश नहीं माना जाता तो कल इस पर पड़ताल की जाएगी। जो कोई दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुकेश शुक्ला, कलेक्टर