निगमायुक्त ने विश्वासराव सब्जी मंडी का किया निरीक्षण, सोमवार से होगी मंडी खाली कराने की कार्रवाई
सतना। विश्वासराव सब्जी मंडी से व्यापारियों को गल्ला मंडी भेजने के जिला प्रशासन के फरमान को गंभीरता से नहीं ले रहे कारोबारियों को अब पांच दिन का अल्टीमेटम जारी कर दिया गया है। तमाम बैठकों और निर्देशों के बाद भी जाने को तैयार नहीं हो रहे कारोबारियों के पास अब रविवार तक का वक्त है। इसके बाद इन्हें बलपूर्वक यहां से हटाया जाएगा। व्यापक नगर हित और शासन के निर्णय के मद्देनजर निगमायुक्त प्रवीण सिंह अढ़ायच ने विश्वासराव सब्जी मंडी का मौका मुआयना किया।
इस दौरान उन्होंने व्यापारियों को समय सीमा में मंडी खाली करने के दो टूक निर्देश दिए। साथ ही नोटिस भी चस्पा करवा दी तथा माइकिंग के माध्यम से भी सूचित करवा दिया है। उधर, कलेक्टर भी इस मामले को लेकर संजीदा हैं और वे भी शुक्रवार को निगमायुक्त के साथ मौका मुआयना करेंगे। पुलिस अधीक्षक से भी इस मामले में निगमायुक्त अगले दिन चर्चा करेंगे।
100 कर्मचारी खाली कराने में होंगे शामिल
निगमायुक्त ने बताया कि जनहित के निर्णय के परिप्रेक्ष्य और शासकीय निर्देशों के अनुपालन में अब हर हाल में मंडी खाली कराई जाएगी। इसके लिए सोमवार से कार्रवाई प्रारंभ होगी। 100 कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। सभी के लिए अलग से अतिक्रमण निरोधी दस्ते के पट्टे तैयार कराए गए हैं। इन्हें ये कर्मचारी अपनी बांह में लगाएंगे ताकि उनकी पहचान हो सके कि वे निगम के कर्मचारी है।
एक नोडल अधिकारी नियुक्त
इसके साथ ही तय संख्या में कर्मचारियों के ऊपर एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा। सभी को दुकान क्रमांक आवंटित की जाएगी कि उन्हें इस नंबर से इस नंबर तक दुकान खाली करवानी है। तय समय पर इन्हें दुकान खाली करवाने के स्पष्ट निर्देश होंगे। इसमें बाधा डालने वालों पर जेल भेजने तक की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने तय की थी डेडलाइन
गत माह कलेक्टर ने विश्वासराव सब्जी मंडी के व्यापारियों से कई स्तर की वार्ता की थी। इस दौरान अंतिम बैठक में निर्णय लिया गया था कि 31 मई तक तभी व्यापारी गल्ला मंडी में शिफ्ट होंगे। इस दौरान तत्कालीन निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया था कि इस अवधि के बाद अगर कोई व्यापारी नहीं जाता है तो वहां बुल्डोजर चला कर मंडी खाली कराई जाएगी। अब निगमायुक्त ने इस संबंध में मंडी का जायजा लेने के बाद आखिरी अल्टीमेटम देते हुए 5 दिन का अवसर शिफ्टिंग के लिये दिया है। इसके बाद बलपूर्वक मंडी खाली कराई जाएगी।
स्वेच्छा से जाने वालों को मिलेगी अतिरिक्त भूमि
बताया गया है को जो व्यापारी स्वेच्छा से तय स्थल पर पहुंचते हैं तो निगम प्रशासन उन्हें 10 फीट की अतिरिक्त भूमि देने का भी मन बना रहा है साथ ही उन्हें मनमाफिक लोकेशन पर भूमि उपलब्ध हो सकेगी। बलपूर्वक हटाए जाने वाले व्यापारियों को अच्छी लोकेशन मिलने में दिक्कत होगी। इसके साथ ही कलेक्टर ने फुटकर सब्जी व्यापारियों के लिये नाले के पास निर्धारित की गई भूमि में चबूतरे बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि वहां व्यवस्थित सब्जी बाजार तैयार किया जा सके।
एनीकट में दो फायर सिलेंडर हुए फेल
निगमायुक्त ने एक मर्तबा फिर रीवा रोड स्थित फिल्टर प्लांट व एनीकट का औचक निरीक्षण किया। यहां तैनात कर्मचारियों से आपदा की स्थिति में फायर सिलेण्डर के उपयोग की जानकारी ली। जिन कर्मचारियों ने उपयोग करने की जानकारी होना बताया। तब उन्होंने एक बाल्टी में आग लगवाई और उसे बुझाने को कहा। इस पर पहले दो सिलेण्डर फेल साबित हुए, तीसरे सिलेण्डर से आग बुझाई जा सकी। इस पर निगमायुक्त ने फटकार लगाई और कहा कि अपनी सुरक्षा के लिये ही आप लोग गंभीर नहीं हो। ऐसे में तो पूरा नुकसान हो जाएगा। इसे दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि 7-7 दिन का टाइम वार कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर तैयार करें। इसकी एक प्रति मुझे दें ताकि यह पता रहे कि उस वक्त कौन तैनात है।
इसके बाद रूई मंडी की बारी
ईदगाह चौक पर लगभग आठ लाख की लागत से निगम प्रशासन द्वारा रूई मंडी का निर्माण कराया गया था। तय स्थल पर रूई कारोबारी डेढ़ वर्ष बाद भी शिफ्ट नहीं हो सके। वे अपना कारोबार स्टेशन रोड पर संचालित कर रहे हैं। विश्वासराव सब्जी मंडी के शिफ्ट होने के बाद निगम प्रशासन रूई कारोबारियों को भी हटाने की कारवाई करेगा।
मौके पर करना होगा शिकायत का निवारण
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज होने वाली शिकायतों का निवारण अब निगम कर्मचारियों को मौके पर जा कर करना होगा। अब तक फोन के जरिए निवारण की जानकारी मातहतों द्वारा कर दी जाती थी। लेकिन निगमायुक्त ने फरमान जारी किया है कि स्थल निरीक्षण के साथ ही काम होने और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बाद शिकायत कटवाई जाए।
विश्वासराव सब्जी मंडी के व्यापारियों को गल्ला मंडी में शिफ्ट होने ताकीद दे दी गई है। 10 जून तक इन्हें विस्थापित होना पड़ेगा। अन्यथा पुलिस की मौजूदगी में इन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रवीण सिंह अढ़ायच, निगमायुक्त