बिहारी रामलीला का मंचन
सतना। बिहारी रामलीला समाज की ओर से सुभाष पार्क में आयोजित रामलीला में शनिवार को भक्त श्रवण का मंचन किया गया। पहले सीन में भक्त श्रवण कुमार के गांव का दृश्य प्रस्तुत किया गया। दिखाया गया कि चमेली ने किस प्रकार चंपक को उसके माता-पिता के बारे में भड़काकर उन्हें घर से धक्के मारकर निकाल दिया। अगले सीन में श्रवण के माता-पिता ने तीर्थ स्थलों की यात्रा की इच्छा प्रकट की तो श्रवण उन्हें अपने कंधे पर उठाकर तीर्थयात्रा पर निकल पड़ा।
राजा दशरथ ने चलाया शब्दभेदी बाण
यात्रा के दौरान पिता की ओर से पानी पीने की इच्छा प्रकट करने पर जब श्रवण नदी से पानी भरने जाता है तो राजा दशरथ को नदी के पानी में से किसी जानवर द्वारा पानी को गंदला करने की आवाज सुनाई देती है। वे शब्दभेदी बाण चला देते हैं, जो श्रवण को लगता है और उसकी मौत हो जाती है।
श्रवण के माता-पिता ने दिया दशरथ को श्राप
इसके बाद जब राजा दशरथ पानी का लोटा लेकर श्रवण के माता-पिता के पास पहुंचते हैं तो वे राजा से श्रवण के बारे में पूछते हैं। दशरथ द्वारा श्रवण की मौत के बारे में बताने पर वे क्रोधित हो जाते हैं और हाथ में पानी की अंजुली लेकर दशरथ को श्राप देते हैं कि जिस प्रकार वे आज पुत्र वियोग में हैं, इसी प्रकार वह भी पुत्र वियोग में तड़प-तड़प कर मरेगा।
दशरथ की मौत का मंचन
रामलीला में पुत्र वियोग में दशरथ की मौत का भी मंचन किया गया। मौके पर उत्तम बेनर्जी, योगेश ताम्रकार, लखन केसरवानी, हरिओम गुप्ता, कृष्ण मिश्रा, नरेन्द्र चन्द्र गुप्ता, गोविंद त्रिपाठी, सागर गुप्ता, ददोली पाण्डेय, राजबहादुर मिश्रा, सचिन शुक्ला, ओमप्रकाश गुप्ता, दुर्गेश गुप्ता, सचिन गुप्ता, धर्मेन्द्र गोयल, नीता सोनी मौजूद रहीं।