रास्ते में नहीं लगी रेल पुलिस को भनक, सतना स्टेशन में आरपीएफ व जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई
सतना. विलासपुर से गांजा की खेप लेकर सतना तक एक तस्कर चला आया। लेकिन रेल पुलिस को बड़े स्टेशनों पर तस्कर की भनक नहीं लग सकी। यह कोई पहला मामला नहीं है जब ट्रेन से गांजा की सप्लाई नजदीकी राज्यों में करने का मामला सामना आया हो। इसके पहले भी 60 किलो गांजा की खेप रेल सुरक्षा बल ने सतना स्टेशन पर ही पकड़ी थी। अब फिर से गांजा की खेप लेकर प्लेटफार्म पर उतरा तस्कर रेल पुलिस के हत्थे चढ़ गया। रेल सुरक्षा बल और राजकीय रेल पुलिस की टीम ने घेराबंदी करते हुए आरोपी को पकड़ा है। जिसके कब्जे से 11 किलो 700 ग्राम गांजा बरामद करते हुए आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
रेल पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को मुखबिर से खबर मिलने के बाद आरपीएफ के एसआइ जितेन्द्र देव मिश्रा, आरक्षक अजीत सिंह यादव व आरक्षक कामेश्वर कुमार प्लेटफार्म दो पर आने वाली जबलपुर- रीवा शटल में नजर बनाए थे। दोपहर पौने दो बजे जबलपुर से रीवा तक जाने वाली गाड़ी संख्या 51701 सतना रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म दो पर पहुंची तभी सामान्य श्रेणी के डिब्बे से एक बड़ा बैग नीचे उतारने वाले संदिग्ध को रेल पुलिस ने घेर लिया। इस बीच जीआरपी चौकी प्रभारी संतोष तिवारी अपने सहयोगी जीपी त्रिपाठी के साथ पहुंचे तो आरोपी को पकड़ कर पूछताछ शुरू हुई। पूछताछ में आरोपी ने खुद को रामकरण प्रजापति पुत्र देवराज प्रजापति (24) निवासी चिल्ली राकस थाना राजापुर जिला चित्रकूट उप्र बताया। आरोपी के कब्जे से 12 पैकेट में बंद 11 किलो 700 ग्राम गांजा बरामद होने पर उसके खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण कायम करते हुए कार्रवाई की जा रही है।
गांजा का लोकल कनेक्शन
जीआरपी का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गांजा की खेप बिलासपुर से लेकर आया है। अब जीआरपी आरोपी के साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। दूसरी ओर इस मामले के जानकार बताते हैं कि आरोपी खुद का बचाव करने के लिए अज्ञात लोगों से गांजा मिलने के बारे में बता रहा है। जबकि इनका लोकल कनेक्शन होता है। बिलासपुर का लिंक मिलने के बाद उड़ीसा के तस्करों तक यहां की पुलिस का पहुंचना मुश्किल होता है। एेसे में आरोपी गलत जानकारी देकर पुलिस को गुमराह कर देते हैं।
आरपीएफ की मुखबिरी
रेल सुरक्षा बल की मुखबिरी से ही 8 नबंवर 2017 को 60 किलो गांजा के साथ दो तस्कर सतना रेलवे स्टेशन से पकड़े गए थे। तब आरपीएफ ने विनीत सिंह निवासी खरवाही थाना अमरपाटन व उसके मौसा ओंकार सिंह को गिरफ्त में लेकर मामला जीआरपी की ओर जांच के लिए भेजा था। इस कार्रवाई के दौरान दो आरोपी चकमा देकर भाग गए थे। जब जीआरपी ने लिंक तलाशना शुरू किया तो पता चला कि आरोपी विनीत सिंह अपने जीजा सत्यम सिंह के साथ गांजा का कारोबार करता है। विनीत भी गांजा की बड़ी खेप लेकर बांदा जिले के अर्तरा जा रहा था। इस मामले में जीआरपी ज्यादा आगे नहीं बढ़ सकी थी।
दूसरी खेप में पकड़ा गया
एसपी रेल सुनील कुमार जैन ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने विलासपुर से गांजा लाने की बात स्वीकार की है। आरोपी ने यह भी बताया कि वह दूसरी बार गांजा लेकर आ रहा है। उसे हर बार 4 से 5 हजार रुपए विलासपुर से कर्वी तक गांजा पहुंचाने के मिलते हैं। लेकिन इस बार वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
"ट्रेन से गांजा लेकर आ रहे एक व्यक्ति को सतना स्टेशन में पकड़ा गया है। जीआरपी व आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई रही। आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई करने वाली टीम को इनाम दिया जाएगा।"
- सुनील कुमार जैन, एसपी रेल, जबलपुर