4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

रेलवे के ई-टिकट की कालाबाजारी करने वाले दो गिरफ्तार

आरपीएफ ने सतना व रीवा में की कार्रवाई
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सतना

•

image

Dheerendra Kumar Gupta

•

Updated: 2 Aug 2019, 12:48 PM IST

Two blacksmith arrested for e-ticketing of railway

Two blacksmith arrested for e-ticketing of railway

सतना. रेलवे की ई-टिकटों की कालाबाजारी करने वाले दो आरोपियों को रेल सुरक्षा बल ने गिरफ्तार किया है। एक ही समय में सतना और रीवा में कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से करीब 43 हजार रुपए कीमत की 45 टिकट बरामद की गई है। बुधवार को यह कार्रवाई विशेष अभियान के तहत सतना पोस्ट प्रभारी मान सिंह के नेतृत्व में की गई है।
आरपीएफ ने बनाई दो टीमें
स्पेशल ड्राइव के तहत रेल टिकट का अवैध व्यापार करने वालों को पकडऩे के लिए रेल सुरक्षा बल ने दो टीमें बनाईं। एक टीम में रीवा पोस्ट के एएसआइ महेश प्रसाद मिश्रा, लोकेश पटेल, आरक्षक पीजे प्रेम व आरक्षक अरविन्द यादव रहे। जबकि दूसरी टीम में सतना पोस्ट से एएसआइ सुनील सिंह बघेल, चन्द्रमौर्य तिवारी, आरक्षक राजीव मिश्रा, अजीत सिंह यादव को शामिल किया गया।
गढि़या टोला में दबिश
आरपीएफ की टीम ने एक साथ मिलकर सतना में शासकीय प्राइमरी विद्यालय के पास गढिय़ा टोला स्थित आर्यन स्टेशनरी एण्ड कम्यूनिकेशन में दबिश दी। जहां दुकान संचालक अनुराग त्रिपाठी पुत्र रामसुन्दर त्रिपाठी को पर्सनल आइडी से तत्काल की ई-टिकटें बनाते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। यहां से आरपीएफ ने 4 ई-टिकटें बरामद ककी हैं। जिसकी कीमत 2995 रुपए बताई गई। इसी तरह रीवा में शान्ती ऑन लाइन सिरमौर चैराहा में दबिश दी गई। जहां दुकान संचालक बृजमोहन कुशवाहा पुत्र रामाश्रय कुशवाहा (29) निवासी वार्ड 45 कुठुलिया तहसील हुजूर जिला रीवा को पर्सनल आईडी से तत्काल की ई-टिकटें बनाते हुए पकड़ा गया। यहां से 40559 रुपए कीमत की 41 टिकटें बरामद की गईं। कार्रवाई करते हुए दोनों दुकानों से लैपटाप, प्रिंटर, कीबोर्ड समेत अन्य सामग्री जब्त करते हुए आरोपियों को आरपीएफ पोस्ट लाया गया।
हर टिकट पर कमीशन
पूछताछ में आरोपी अनुराग व बृजमोहन ने आरपीएफ अधिकारियों को बताया कि वह हर टिकट पर प्रति यात्री 100 से 150 रुपए तक कमीशन लेता था। अपना अपराध स्वीकार करने पर आरोपियों के विरूद्ध रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। अब दोनों आरोपी रेल न्यायालय जबलपुर में पेश किए जाएंगे।