सतना

1 कुत्ते ने 54 अपराधियों को पहुंचाया जेल, जुटाए अहम सुराग

MP News: बीते दो वर्षों में सामने आए तेंदुआ शिकार के 18 मामलों में वन विभाग ने खोजी डॉग स्पार्टन की सहायता ली, जिसने अहम सुराग जुटाकर अपराधियों तक पहुंचने में बड़ी भूमिका निभाई।
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Jan 29, 2026
sniffer dog Spartan
sniffer dog Spartan (Photo Source - Patrika)

MP News: वन्य अपराधों पर लगाम कसने में वन विभाग का प्रशिक्षित खोजी डॉग स्पार्टन एक भरोसेमंद नाम बन चुका है। अपनी तेज फुर्ती, पैनी सूंघने की शक्ति और अपराधियों की सटीक पहचान की खासियत के चलते स्पार्टन ने बीते दो वर्षों में सतना-रीवा वन मंडल सहित पन्ना और सीधी के जंगलों में 54 अपराधियों को पकड़वाने में अहम भूमिका निभाई है।

जंगलों की दुर्गम पगडंडियों, घने जंगल और सीमावर्ती इलाकों में भी स्पार्टन बिना थके सुरागों का पीछा करता है। अब तक उसकी मदद 41 शिकार प्रकरणों में ली जा चुकी है।

सबसे ज्यादा प्रकरण तेंदुए के शिकार से जुड़े

मध्यप्रदेश में बाघ के साथ-साथ तेंदुओं की मौत के मामलों में भी लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। बीते दो वर्षों में सामने आए तेंदुआ शिकार के 18 मामलों में वन विभाग ने खोजी डॉग स्पार्टन की सहायता ली, जिसने अहम सुराग जुटाकर अपराधियों तक पहुंचने में बड़ी भूमिका निभाई।

तेंदुओं के अलावा अन्य वन्यजीवों के शिकार से जुड़े मामलों में भी स्पार्टन की सेवाएं ली गईं। इनमें जंगली सुअर के 10, चीतल का 1, सांभर के 6, नीलगाय के 4, बाघ का 1 और लकड़बग्घा का 1 शिकार प्रकरण शामिल है। इन सभी मामलों में अब तक 54 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 11 आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।

वन विभाग उनकी तलाश कर रहा है। वन अधिकारियों के अनुसार स्पार्टन की खासियत केवल अपराधियों की गंध पहचानने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह संदिग्धों के समूह में सही व्यऊित की सटीक पहचान करने में भी पूरी तरह दक्ष है।

पन्ना में शिकारी के घर पहुंचा स्पार्टन

घटनास्थल पर मिले हल्के से हल्के निशान को पहचान कर आरोपी तक पहुंचना स्पार्टन की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। बाघों वाले क्षेत्र पन्ना में भी अपराधियों तक पहुंचने में सतना के डॉग स्क्वॉड की मदद ली जाती है। अभी बीते वर्ष उछार पन्ना वन मंडल देवेन्द्र नगर के पास मुडिय़न के जंगल में मृत अवस्था में एक बाघ मिला था।

वन विभाग की जांच पड़ताल के बाद स्पार्टन की मदत ली गई, जिसमें सामने आया कि शिकार से बाघ की मौत हुई और जंगल में बाघ को ठिकाने लगाने वाले शिकारियों के घर तक स्पार्टन पहुंच गया। इसके बाद पूरा मामला खुलकर सामने आया। इसी तरह मैहर रेंज के पोड़ी बीट में तेंदुए को मारकर बांध में फेंक दिया गया था, डॉग स्क्वॉड की मदत से ही चार शिकारी पकड़े गए थे।

Updated on:
29 Jan 2026 05:56 pm
Published on:
29 Jan 2026 05:56 pm