
सतना. शासकीय इंदिरा कन्या महाविद्यालय में एडमिशन न मिलने से नाराज छात्राओं ने सोमवार को जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विभागीय गाइडलाइन को दरकिनार कर एडमिशन देने व प्राचार्य पर पक्षपात का आरोप लगाया। कॉलेज स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो छात्राओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने रीवा पहुंचकर उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक को ज्ञापन सौंपा। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष प्रियांशा उरमलिया के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में बताया गया कि विभाग ने दूसरी सीएलसी के तहत पहले आओ, पहले पाओ की नीति पर एडमिशन करने के लिए आदेशित किया है। लेकिन, कॉलेज प्रशासन ने इसकी अनदेखी कर चहेती छात्राओं को एडमिशन दे दिया।
प्राचार्य पर आरोप
छात्रओं ने कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य नीलम रिछारिया को भी समस्या से अवगत कराया, लेकिन उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया। लिहाजा, वे विरोध-प्रदर्शन पर उतर आईं। सोमवार दोपहर १२ से १.४५ बजे तक कॉलेज परिसर में नारेबाजी करती रहीं, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने बात नहीं सुनी। इस कारण रीवा जाकर एडी पंकज श्रीवास्तव को समस्या से अवगत कराया। उन्होंने छात्रओं को बताया कि २५ फीसदी तक सीटें बढ़ाई जा सकती हैं। गल्र्स कॉलेज में ऐसा नहीं किया गया, तो हम जांच कराएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
विरोध-प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने एडमिशन प्रक्रिया के साथ-साथ कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। कहा, कॉलेज परिसर में बाहरी लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। कोई भी व्यक्ति बेरोक-टोक प्रवेश कर जाता है और असामाजिक हरकतें करता है।
ये रहीं मौजूद
इस दौरान रुपाली पांडेय, प्रिया व्यास, सविता पटेल, अपर्णा पांडेय, पूजा चतुर्वेदी, अंजू, वर्षा, रश्मि, शची, हेमा, लवली, प्राची, अंकिता, निधि सहित करीब डेढ़ सैकड़ा छात्राएं उपस्थित रहीं।