अजयगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत छतैनी के सरपंच पुत्र से मांगी थी रिश्वत
पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिला अंतर्गत सागर लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। बताया गया कि अजयगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत छतैनी के सरपंच पुत्र से सब इंजीनियर ने 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। पैसे न देने पर आरोपी सब इंजीनियर आंगनबाड़ी भवन निर्माण के कार्य का मूल्यांकन नहीं कर रहा था। थक-हारकर सरपंच पुत्र ने मामले की शिकायत सागर लोकायुक्त कार्यालय में पहुंचकर एसपी से की।
एसपी ने शिकायत की जांच कराई तो सही पाई गई। फिर शनिवार को ट्रैपिंग करने का दिन नियत किया गया। दोपहर जैसे ही आरोपी सब इंजीनियर ने रिश्वत की रकम ली। वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने रंग हाथ पकड़ लिया। सागर लोकायुक्त ने भ्रस्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई जारी रखी है।
ये है मामला
मिली जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत अजयगढ़ में पदस्थ सब इंजीनियर संतोष जगवानी ने आंगनबाड़ी भवन निर्माण में मूल्यांकन के बदले छतैनी ग्राम पंचायत के सरपंच रामदास यादव से 5 फीसदी रकम रिश्वत के रूप में मांग की थी। परेशान होकर सरपंच व सरपंच पुत्र ने सागर लोकायुक्त से शिकायत की। फरियादी सरपंच पुत्र की शिकायत पर शुक्रवार की दोपहर सब इंजीनियर के आवास पर दबिश दी गई।
जहां लोकायुक्त टीम ने 20 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। बीच शहर में लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद पन्ना शहर में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते भारी संख्या में भीड़ जमा हो गई। जैसे ही सागर लोकायुक्त द्वारा ट्रैपिंग की बात पता चली तो लोग इधर-उधर हो गए। डीएसपी राजेश खेड़े ने बताया कि पहले पीडि़त ने शिकायत की थी। जिसका सत्यापन कराया तो मामला सही पाया गया। इसलिए सब इंजीनियर संतोष जगवानी को उनके घर पर रंगे हाथों ट्रैप किया गया है।
4 वर्ष से सब इंजीनियर कर रहा था परेशान
ग्राम पंचायत छतौनी के सरपंच का कहना है कि हम बहुत परेशान थे। लगातार 4 वर्ष से सब इंजीनियर परेशान कर रहा था। पंचायत के किसी भी काम को बिना रिश्वत लिए नही करता था। मैंने कई बार कर्ज लेकर उन्हें रुपए दिए हैं। लिहाजा मजबूरी में शिकायत कर आज रंगे हाथों गिरफ्तार कराया है।
नहीं रूक रहा रिश्वतखोरी का सिलसिला
पीडि़त का आरोप है कि अनाधिकृत रूप से रिश्वत लेकर अधिक धन कमाना सरकारी मुलाजिमों का अधिकार बनता जा रहा है। जिससे आए दिन हितग्राही परेशान होते है। इसीलिए सरकारी योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। प्रदेश में लोकायुक्त द्वारा लगातार कार्यवाहियां की जा रही है फिर भी रिश्वतखोरी का सिलसिला नहीं रुक रहा हैं।