खरगौन 15वें, उज्जैन 17वें नंबर और सिंगरौली 23, मंदसौर 24 और जबलपुर 25 वें नंबर, नीमच को 70 और रतलाम 72, सतना 93वें पर आया।
सतना. देश के स्वच्छ शहरों की एक और सूची शनिवार को जारी हो गई। इस शहर में मध्यप्रदेश से खरगौन 15वें, उज्जैन 17वें नंबर और सिंगरौली 23, मंदसौर 24 और जबलपुर 25 वें नंबर पर आया है। बड़े शहरों में शुमार सतना 93वें पर है, पिछले सर्वे में 7५वां स्थान था। यह सूची एक लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की है। नीमच को 70 और रतलाम 72 वें नम्बर पर आया है।
इससे पहले इंदौर बना देश का सबसे स्वच्छ शहर बन चुका था, जबकि मप्र के ही भोपाल को मिला दूसरा स्थान मिला था, चंडीगढ़ रहा तीसरे स्थान पर।
मध्यप्रदेश का कौनसा शहर किस रैंक पर
इंदौर 1
भोपाल 2
खरगौन 15
उज्जैन 17
सिंगरौली 23
मंदसौर 24
जबलपुर 25
छिंदवाड़ा 42
सागर 46
रीवा 49
पीथमपुर 62
देवास 68
नीमच 70
रतलाम 72
होशंगाबाद 75
नागदा 79
बुरहानपुर 81
छतरपुर 92
सतना 93
खंडवा 99
इदौर और भोपाल नेकामयाबी लगातार दूसरी बार हासिल की
इदौर और भोपाल ने ये कामयाबी लगातार दूसरी बार हासिल की। उस समय राष्ट्रीय स्तर पर कुल 23 पुरस्कारों की घोषणा हुई। 10 लाख से अधिक आबादी में आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा को सबसे बड़े स्वच्छ शहर का पुरस्कार हासिल हुआ। जोनल स्तर पर कुल 20 अवार्ड की घोषणा हुई। बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट की केटेगरी में झारखंड को पहला महाराष्ट्र को दूसरा जबकि छत्तीसगढ़ को तीसरा स्थान हांसिल हुआ। सर्वश्रेष्ठ छावनी बोर्ड के रुप में 6 अवार्डों की घोषणा हुई है। जिसमें दिल्ली केंट ने सबसे स्वच्छ छावनी बोर्ड के रूप में बाजी मारी। केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने स्वच्छ पुरस्कारों की घोषणा करते हुए इसे व्यवहार परिवर्तन का सबसे बड़ा अभियान बतााया।
जनवरी से मार्च तक 4203 शहरों में प्रतिस्पर्धा चली
4 जनवरी से 10 मार्च तक चले विश्व के सबसे बड़े सर्वेक्षण में 4203 शहरों के बीच सबसे स्वच्छ शहर बनने की प्रतिस्पर्धा चली। 94000 घरों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की जांच हुई।46000 आवासियों क्षेत्र पर ओचक निरीक्षण किया गया। 28000 व्यवसायिक क्षेत्रों का निरीक्षण हुआ। 25000 स्कूलों में स्वच्छता समीती की जांच की गई। 25000 प्रोसेसिंग प्लांट का निरीक्षण किया गया। 37.66 लाख लोगों की राय ली गई। 53.58 लाख स्वच्छता ऐप डाउनलोड हुई। जनता ने 1.18 करोड़ शिकायतें दर्ज कराई। 63 सर्वेक्षकों की टीम ने इस पूरे सर्वेक्षण को अंजाम दिया। स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 कड़ी है उस शहरों को स्वच्छ बनाने के उस मुहिम की जिसका आगाज 2016 में हो गया था। शहरों के बीच छिड़ी प्रतिस्पर्धा ने शहरों को स्वच्छ बनाने में अहम भूमिका निभाई है। लक्ष्य 2019 तक देश को स्वच्छ बनाने का है।
सतना की बीते साल थी 75वीं रैंक
स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में 443 शहरों को शामिल किया गया था। इसमें सतना को 75वीं रैंक मिली थी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में 4041 शहर शामिल किए गए हैं। ननि स्रद्मह्य शहर की स्वच्छता रैंक सुधरने की उम्मीद थी, पर ऐसा हो न सका।