सतना

MP में भीषण जलसंकट के कारण 300 गांव के लोगों ने उठाया लोटा, PM के स्वच्छता अभियान को तगड़ा झटका

ताले में शौचालय, खुले में 'स्वच्छ भारत', जलसंकट के कारण गांव की बहू-बेटियां खुले में जाने को मजबूर, सतना के 300 गांव के लोगों ने उठाया लोटा

2 min read
Jun 04, 2018
swachh bharat abhiyan in hindi

सुखेंद्र मिश्र @ सतना। ओडीएफ घोषित होने की कगार पर खड़े सतना जिले में प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को तगड़ा झटका लगा है।बूंद-बूंद पानी के लिए जूझ रहे जिले के 300 गांव के 15 हजार से अधिक परिवारों ने घर में बने शौचालयों में ताला लगाकर खुले में शौच जाने का निर्णय लिया है।

पानी बचाने के लिए पुरुष ही नहीं गांव की बहू-बेटियां भी शौच के लिए लोटा लेकर खेतों में जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के इस निर्णय से हर दिन एक घर में 50 से 100 लीटर पानी की बचत हो रही है।

ये भी पढ़ें

सतना वार्ड क्रमांक-25: फाइलों में कैद विकास का प्लान, जर्जर सड़कें दे रही जख्म

शौचालय में दो माह से लटक रहे ताले

भीषण जलसंकट से जूझ रहे मझगवां विकासखंड के बड़खेरा गांव में स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत घर-घर बनवाए गए शौचालय में दो माह से लटक रहे ताले पीएम के खुले में शौचमुक्त भारत को आइना दिखा रहे हैं। ऐसा करने वाला बड़खेरा जिले का इकलौता गांव नहीं है, बल्कि जलसंकट से जूझ रहे हर गांव में ग्रामीण खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।

हर दिन 100 लीटर पानी की बचत
बड़खेरा के लक्ष्मण द्विवेदी बताते हैं, सभी बोर एवं हैंडपंप सूख चुके हैं। गांव में पानी की भारी किल्लत होने के बाद भी जब पंचायत एवं जिला प्रशासन की ओर से पानी के कोई प्रबंध नहीं किए गए तो जनता स्वयं पानी बचाने के उपाय खोजने लगी। बतौर लक्ष्मण उनके घर में दस सदस्य हैं। दिनभर में मुश्किल से 20 बाल्टी पानी का जुगाड़ हो पाता है।

खुले में शौच जाने का निर्णय

इसमें से 10 बाल्टी पानी दोनों टाइम शौचालय में शौच जाने में खर्च हो जाता था। इसलिए पानी बचाने के लिए शौचालय में ताला लगाने का निर्णय लिया। इससे हर दिन 100 लीटर पानी की बचत हो रही है। यह पूरे परिवार के नहाने और कपड़ा धोने के काम आ रहा है। घर में सबसे अधिक पानी शौचालय में ही लगता है। इसलिए गांव के सभी लोगों ने जलसंकट से निपटने खुले में शौच जाने का निर्णय लिया है।

यहां हर शौचालय में ताला
जिले में 25 गांव व 33 बसाहटें एेसी हैं जहां लोगों को पीने के लिए भी पानी मुश्किल से मिल रहा है। पटिहट, कुशियरा, डाड़ी टोला, बड़खेरा, बहेरा, कोठी, अकहा, खुटहा, चौपड़ा, मड़ई, खैरा, केरिगवां, जमुना, मटेहना, हाटी, खुटहा, मझगवां, हटिया, मैनपुरा, खरमसेड़ा सहित कई अन्य गांवों में भीषण जल संकट के कारण शत-प्रतिशत आबादी शौचालय होने के बावजूद खुले में शौच जाने को विवश है।

सूखे के कारण जिले के अधिकांश गांवों के हैंडपंप ड्राई हो चुके हैं। जिलेभर में 33 ऐसी बसाहट चिह्नित की गई हैं जहां पानी के सभी स्रोत सूख गए हैं। यहां दूसरे संसाधनों से पानी पहुंचाया जा रहा है। जिस गांव में जलसंकट है वहां के लोग पानी बचाने खुले में शौच जा रहे हैं।
रावेंद्र सिंह, कार्यपालन यंत्री, पीएचई सतना

जिले की हकीकत
- ब्लॉक बसाहट
- रामपुर 05
- उचेहरा 04
- अमरपाटन 05
- मैहर 01
- सोहावल 04
- रामनगर 04
- नागौद 5
- मझगवां 05
- ड्राई गांव 33

ये भी पढ़ें

कहीं नाला सकरा तो कहीं कचरे से पटी मिली नालियां, निगमायुक्त के निरीक्षण में खुली मानसून पूर्व तैयारी की पोल
Published on:
04 Jun 2018 12:09 pm
Also Read
View All