सड़क दुर्घटना में मृत पेंटर के परिवार को दी आर्थिक मदद
सतना. उम्र 45 साल थी। सर्द शाम में अपने दिनभर के काम से जुटाए दो पैसे लेकर वह घर को जा रहा था। इसी पैसे से तो उसके घर का चूल्हा जलता था, लेकिन उसे क्या पता था कि अब घर के चूल्हे की आग उसके पैसे से नहीं जलेगी। वह अपने घर पहुंच पाता कि एसडीओ फारेस्ट लिखे वाहन ने परिवार के मुखिया की जिंदगी छीन ली। पुलिस ने भी सामान्य सड़क हादसा दर्ज कर लिया। कोई हंगामा भी नहीं हुआ क्योंकि मरने वाला एक पेंटर ही तो था, लेकिन उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। पहले से आर्थिक तंगी से गुजर रहे इस परिवार पर रोजी रोटी का संकट आ गया था। न तो शासन, न प्रशासन और न ही समाज मदद को आगे आया।
जब परिवार की हालत का पता हमपेशे वालों को लगा तो कूचियों से कला को रंग देने वालों के दिल दहल गए। आनन-फानन मदद का निर्णय लिया गया। इन कम आय वालों ने पाई-पाई आपस में जुटाई और 50,000 की राशि से परिवार में खुशियों के रंग भर दिए। इन कलाकारों ने एक संदेश भी दिया है आज के समाज को कि गरीब की मदद ऐसे भी बिना हो हल्ले के की जा सकती है।
आर्थिक तंगी से गुजर रहा था परिवार
25 नवंबर को पेंटर जनार्दन नामदेव उर्फ राही पेंटर की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। सतना-मैहर मार्ग पर उचेहरा के पास हुए हादसे के बाद से पेंटर का परिवार आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा था। यह जानकारी भारतीय कलाकार संघ को मिली। संगठन के पदाधिकारियों ने एक बैठक कर पीडि़त परिवार की मदद करने का निर्णय लिया। कहा गया कि पेंटर्स के बारे में कोई नहीं सोचता। अध्यक्ष विजय श्रीवास ने इसकी शुरुआत की। धीरे-धीरे संगठन ने 50 हजार रुपये जुटा लिये। इसके बाद शनिवार को एक सभा आयोजित कर राही पेंटर को श्रद्धांजलि दी गई। फिर उनके घर जाकर राही नामदेव की पत्नी को 50 हजार रुपए का चेक मदद स्वरूप प्रदान किया गया।
सबने की सराहना
इस मदद की गांव सहित जानने वालों के बीच सराहना हो रही है। मदद को अंजाम तक पहुंचाने वालों में सुनील साहू, विजय श्रीवास, मुकेश महाराज, अशोक सूतकार, मो. सरफराज, सुशील सैनी, वृंदावन विश्वकर्मा, राजेश, करण आर्ट्स, शिवम आर्ट्स शामिल रहे।