ट्रांसफॉर्मर की चेकिंग के दौरान खुली पोल, कम खपत के बिल जारी करने पर जारी होगी चार्जशीट
सतना। शहर संभाग में अस्थाई कनेक्शन और खपत में हेराफेरी कर अधिकारी-कर्मचारी विद्युत कंपनी को चूना लगा रहे हैं। गड़बड़झाले का यह खेल खुद मुख्य अभियंता ने पकड़ा। यह खेल किस स्तर पर और कब से चल रहा है इसकी जांच कराने की बात कही जा रही है।
फिलहाल बिना मीटर लगाए अस्थाई कनेक्शन देने व कम खपत के बिल जारी करने पर जेई व बाबू के खिलाफ चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार गुरुवार को मुख्य अभियंता रीवा क्षेत्र केएल वर्मा ने सतना वृत्त में 11 केवीए बदखर फीडर में ट्रांसफार्मर की चेकिंग एवं 6 प्रतिशत लाइन लॉस के लिए 2 ट्रांसफॉर्मर का निरीक्षण किया।
उपभोक्ताओं के मीटर बंद
मौके पर पाया कि संबंधित फीडर प्रभारी एवं अस्थाई कनेक्शन प्रभारी द्वारा बगैर मीटर के अस्थाई कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, साथ ही कुछ उपभोक्ताओं के मीटर बंद व खराब पाए गए और कम खपत के बिल जारी किया जाना पकड़ा गया। इस लापरवाही के चलते लाइन लास 6 प्रतिशत नहीं आ सका।
ट्रांसफॉर्मर रिपेयरिंग इंडस्ट्री का निरीक्षण
अस्थाई कनेक्शन प्रभारी कनिष्ठ अभियंता रुपेश पांडेय एवं कार्यालय सहायक को चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि मुख्य अभियंता ने ट्रांसफॉर्मर रिपेयरिंग इंडस्ट्री का निरीक्षण करते हुए रिपेयरिंग संबंधित गतिविधियों एवं कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। इसके बाद सतना सर्किल कार्यालय में सभी योजनाओं की समीक्षा करते हुए बकाया वसूली के लिए निर्देश दिए गए।
विद्युत कंपनी ने जब्त किए ग्राहकों के ट्रैक्टर-बाइक
बकायेदारों पर कार्रवाई करते हुए विद्युत कंपनी ने गुरुवार को ट्रैक्टर व बाइक जब्त किए। जानकारी के अनुसार अमरपाटन संभाग के बेला विद्युत केंद्र के झिन्ना में 52281 रुपए बकाया राशि होने पर विद्युत अधिकारी बकायादार रामकृपाल पटेल का ट्रैक्टर उठा ले गए।
138 के तहत प्रकरण दर्ज
झिन्ना में हुई दूसरी कार्रवाई में 43 हजार बकाया होने पर कैलाश प्रसाद चौरसिया के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 138 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। नादो मुखियान में बकायेदार रामसहाय साहू की बाइक जब्त कर ली गई।
बकायादारों को भुगतान के लिए कई मौके दिए
डीई सुभाष नागेश्वर ने बताया कि बकायादारों को भुगतान के लिए कई मौके दिए गए। योजनाओं के जरिए छूट भी ऑफर की गई लेकिन किसी ने भुगतान नहीं किया। कार्रवाई के पहले नोटिस देकर बिल भुगतान करने का अंतिम अवसर के बावजूद बकायेदार ध्यान नहीं दे रहे।