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अब जिला अस्पताल बनेगा ई-हॉस्पिटल, ऑन लाइन हो जाएंगे डाटा

एनआईसी के साथ अस्पताल प्रबंधन की हुई बैठक  
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सतना

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Pushpendra Pandey

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Updated: 23 Feb 2018, 9:03 AM IST

satna District Hospital

satna District Hospital

सतना. मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए भारत सरकार के डिजिटल इंडिया के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ई-हॉस्पिटल की प्रक्रिया जिला अस्पताल में भी प्रारंभ होने जा रही है। इसे एनआईसी द्वारा पूरा किया जाएगा। प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली और आवश्यकताओं को लेकर गुरुवार को एनआईसी के डीआईओ आशीष शुक्ला ने सिविल सर्जन डॉ. एसबी सिंह से मुलाकात की। इस दौरान एनआईसी इंजीनियर मनोहर कुमार भी साथ रहे।

ऑनलाइन हो जाएगा डाटा
एनआईसी डीआईओ ने ई-हॉस्पिटल के संबंध में बताया, इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के साथ ही जिला अस्पताल सहित मरीजों का पूरा डाटा ऑनलाइन हो जाएगा। जिसे देश में कहीं भी देखा जा सकेगा। अस्पताल में भी रिकॉर्ड प्रबंधन आसान हो जाएगा। पहले चरण में ओपीडी, आईपीडी और बिलिंग सिस्टम को प्रारंभ किया जाएगा। इसके बाद ब्लड बैंक सहित अन्य सेवाएं भी जोड़ी जाएंगी। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने मानव श्रम और कम्प्यूटरों की कमी के साथ ही खराब नेट व्यवस्था का दुखड़ा रोया। बताया गया, जल्द ही कलेक्टर के साथ एनआईसी टीम और अस्पताल प्रबंधन आगे की रणनीति तय करेगा।


ऐसा होगा ई-हॉस्पिटल
एनआईसी डीआईओ के अनुसार, ई-हॉस्पिटल व्यवस्था लागू होने के साथ ही ऑनलाइन मरीजों का पंजीयन होने लगेगा। मरीज का पूरा डेटाबेस, बीमारी, जांच रिपोर्ट, दवाएं ऑनलाइन हो जाएंगी। यही जानकारियां भर्ती मरीजों की ऑनलाइन होंगी। यह पूरा डाटा ऑनलाइन सुरक्षित रहेगा जिसे कही से देखा जा सकेगा। यह भी पता चलेगा कि किस डॉक्टर ने कब किस मरीज का क्या इलाज किया।


यह होगा लाभ
- मरीज जब एम्स या अन्य बड़े अस्पताल जाएगा तो यूनिक नंबर के माध्यम से वहां के डॉक्टर मरीज का पूरा रिकॉर्ड देख सकेंगे।

- मरीज की पूरी जांच रिपोर्ट पलभर में कहीं भी देखी जा सकेगी। यह भी पता चल सकेगा कि कब-कब क्या इलाज किया गया।
- मरीज को समय पर इलाज मिल सकेगा और उसका पूरा डाटा सुरक्षित रहेगा।

- बेड स्थिति ऑनलाइन रहेगी। इससे बेड मैनेजमेंट आसान हो जाएगा।
- बिलिंग सिस्टम भी आसान हो जाएगा और रिकॉर्ड भी हमेशा दुरुस्त रहेंगे।