प्रवचनों में मुनि प्रमाणसागर ने कहा कि जीवन में सदैव खुशबू चाहते हो तो सही सोचें,सुन्दर सोचें, सही देखें, सुन्दर देखें, सही बोलें, सुन्दर बोलें, सही करें, सुन्दर करें, जिनवाणी का निचोड़ एवं शास्त्रों का सार यही है। हमारी सोच हमारे सुन्दर जीवन की आधारशिला है। बुराई देखें नहीं, दिखाई दे तो अनदेखा करें। कम बोलें, जरूरत से ज्यादा न बोलें। ऐसा बोलें कि सामने वाले का हृदय खिल उठे।