एसपी के पास पहुंचा सर्वसमाज: सर्वसमाज ने एसपी से पूछा-सांसद को परेशानी थी तो मुकदमा दीगर की रिपोर्ट पर क्यों दर्ज किया,कुआं में सांसद को काले झंडे दिखाने का मामला
सतना। मध्यप्रदेश में सत्ताधारी दल के नेताओं की दबंगई खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व खंडवा के सांसद नंदकुमार चौहान द्वारा टोल कर्मियों से मारपीट का मामला अभी ठंड नहीं हुआ। वहीं एक दूसरा मामला सामने आ गया है। बताया गया कि कुआं गांव में सांसद को काले झंडे दिखाने के मामले में की गई गिरफ्तारी का विरोध करते हुए सर्वसमाज के सदस्य शुक्रवार को एसपी संतोष सिंह गौर के पास पहुंचे। मांग की गई कि मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए मुकदमा वापस लिया जाए। एक अन्य आवेदन देकर बताया गया कि सांसद के भाई ने जान से मारने की धमकी दी है। ऐसे में सुरक्षा दी जाए।
ये है मामला
एसपी को बताया गया कि 2 अक्टूबर को कुआं गांव में एट्रोसिटी एक्ट का विरोध कर रहे सर्वसमाज के सदस्यों ने शांति पूर्ण तरीके से विरोध किया था। इसमें 6 नामजद समेत 11 अन्य के खिलाफ आइपीसी की धारा 341, 147 के तहत अपराध दर्ज कर 6 व्यक्तियों की गिरफ्तारी की गई। जबकि सांसद की गाड़ी को किसी ने रोका ही नहीं। यह बात भी सामने आई कि जब सांसद को परेशानी थी तो मुकदमा किसी दीगर व्यक्ति की रिपोर्ट पर क्यों दर्ज किया गया। एसपी ने सभी की बात सुनने के बाद मामले की जांच सीएसपी सतना को दी है। सर्व समाज की ओर से रजत सिंह, अमित अवस्थी, कामता मिश्रा, सौरभ पाण्डेय, राहुल तिवारी, छवि त्रिपाठी, बलि गौतम, आशीष दुबे, राजेश दुबे, विपिन द्विवेदी, अरुण द्विवेदी समेत कई व्यक्ति मौजूद रहे।
जिपं सदस्य भाई पर लगा आरोप
पुलिस अधीक्षक के पास सर्वसमाज के साथ पहुंचे श्याम पाण्डेय पुत्र राम ध्यान पाण्डेय निवासी कुआं ने भी एक आवेदन एसपी को दिया। उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर को कुआं में एट्रोसिटी एक्ट के विरोध के बाद बाबूपुर में उन्हें सांसद के भाई उमेश प्रताप सिंह लाला ने धमकाते हुए जान से मारने की धमकी दी है। अपमानजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया है। उस दौरान रोशन लाल पाण्डेय व सूरज सेन भी श्याम के साथ मौजूद रहे। फरियादी श्याम ने उमेश के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अपनी और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा की मांग की है। उसने बताया कि धमकी मिलने के बाद से परिवार के सदस्य दहशत में हैं।