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सबला योजना की रिपोर्टिंग में मध्यप्रदेश के ये जिले फिसड्डी, जानिए केन्द्र सरकार ने क्यों लगाई फटकार

सबला योजना की रिपोर्टिंग में मध्यप्रदेश के ये जिले फिसड्डी, जानिए केन्द्र सरकार ने क्यों लगाई फटकार

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सतना

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Suresh Mishra

Oct 06, 2018

Story of sabla yojna in madhya pradesh

Story of sabla yojna in madhya pradesh

सतना। सबला योजना की रिपोर्टिंग में सिंगरौली और सीधी फिसड्डी साबित हुआ है। रीवा की स्थिति भी खराब है। विंध्य में सतना जिला अव्वल है, लेकिन प्रदेश के अन्य जिलों से अगर तुलना करें तो सतना भी फिसड्डी ही है। इसका खुलासा हाल ही में संचालनालय की ओर से योजना समीक्षा में हुआ। महिला एवं बाल विकास विभाग की काम के प्रति लापरवाही पर केंद्र सरकार ने नाराजगी जताई है। आयुक्त महिला एवं बाल विकास ने इसे गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सुधार के साथ पंजीयन के सख्त निर्देश दिए हैं।

क्या है सबला
केंद्र सरकार ने किशोरी बालिका योजना के हितग्राहियों की नामवार एवं उनके आधार नंबर सहित जानकारी निर्धारित प्रपत्र पर सबला रिपोर्टिंग सिस्टम पर चाही थी। आयुक्त महिला एवं बाल विकास अशोक कुमार भार्गव द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी को केंद्र सरकार के पोर्टल पर सबला योजनांतर्गत किशोरी बालिका की जानकारी दर्ज कराने के लिए यूजर मैन्युअल निर्देश जारी किए गए थे। बीते दिनों समीक्षा में खुलासा हुआ कि नामवार आधार पंजीयन दर्ज करने में जमकर लापरवाही की जा रही है।

ऐसे है हाल
रीवा डिवीजन अंतर्गत जानकारी देने में जमकर लापरवाही की गई। चार जिलों में महज 234 हितग्राहियों की जानकारी अपलोड की जा सकी। सिंगरौली में तो एक भी हितग्राही की जानकारी नहीं दर्ज की जा सकी है। सीधी में 6, रीवा में 57 हितग्राहियों की प्रविष्टि की गई है। डिवीजन में सतना पहले नंबर पर है। यहां 171 हितग्राहियों की रिपोर्टिंग निर्धारित प्रपत्र में दी गई है। प्रदेश में 18694 हितग्राहियों की जानकारी दर्ज की गई है। श्योपुर में सर्वाधिक 3168, गुना में 1925, धार में 1593, भोपाल में 1408, नीमच में 1166, मंडला में 1006 हितग्राहियों की जानकारी दर्ज की गई है। ऐसे में प्रदेश के अन्य जिलों से तुलना करें तो सतना की स्थिति भी ठीक नहीं है।

7 दिन का अल्टीमेटम
योजना की समीक्षा के दौरान पंजीयन में लापरवाही मिलने पर केंद्र सरकार ने नाराजगी जताई है। इसके बाद से महकमे में हड़कंप मचा है। आयुक्त महिला एवं बाल विकास ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संभाग के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। कहा गया कि 10 अक्टूबर को संचालनालय स्तर पर फिर समीक्षा की जाएगी। इसके पहले हितग्राहियों की जानकारी शत-प्रतिशत दर्ज की जाए।