
Satna Well Toxic Gas Incident: मध्यप्रदेश के सतना जिले के उचेहरा इलाके के उरदना गांव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में कुएं में उतरे 36 वर्षीय निरेंद्र सिंह उर्फ नीरू परिहार की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं, उसे बचाने के लिए रस्सी के सहारे कुएं में उतरा पड़ोसी गांव उरदनी का युवक राजा कोल भी जहरीली गैस के प्रभाव से बेहोश होकर नीचे गिर पड़ा। ग्रामीणों ने किसी तरह राजा कोल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि निरेंद्र का शव करीब छह घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम ने बाहर निकाला।
निरेंद्र कुएं में गिरा टीन का टुकड़ा निकालने के लिए कुएं में उतरा था। बताया जा रहा है कि कुएं के भीतर पहुंचते ही निरेंद्र का जहरीली गैस के कारण दम घुटने लगा और वो जल्दी-जल्दी बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसला और वो कुएं में मोटर लगाने के लिए लगे लोहे के एंगल से उसका सिर टकरा गया। इसके बाद वह पानी में गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद निरेंद्र को बचाने के लिए उरदनी गांव निवासी राजा कोल रस्सी के सहारे कुएं में उतरा, लेकिन जहरीली गैस का असर इतना अधिक था कि वह भी कुछ ही देर में नीचे गिर पड़ा। ग्रामीणों ने जोखिम उठाकर किसी तरह उसे बाहर निकाला। ग्रामीणों ने इसके बाद पुलिस को सूचना दी, सूचना पर पहुंची डायल-112 की टीम ने राजा कोल को सिविल अस्पताल उचेहरा पहुंचाया, जहां उपचार के बाद देर शाम उसे छुट्टी दे दी गई। राजा ने पुलिस को बताया कि कुएं के अंदर अजीब गंध से चक्कर आ गया था।
उचेहरा थाना प्रभारी सतीश मिश्रा ने बताया कि घटना की सूचना शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कुएं के भीतर जहरीली गैस होने के कारण किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। ग्रामीणों के साथ शव निकालने की कोशिश विफल होने के बाद सतना से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई। टीम ने शाम करीब छह बजे निरेंद्र सिंह का शव कुएं से बाहर निकाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भिजवा दिया गया। पुलिस के अनुसार, कुएं में जहरीली गैस बनने के कारणों का पता लगाने के लिए पर्यावरण एवं प्रदूषण विशेषज्ञों की टीम से जांच कराई जाएगी।