Sawai Madhopur Airstrip Expansion: सवाईमाधोपुर जिला मुख्यालय स्थित हवाई पट्टी के विस्तार की योजना लंबे समय से फाइलों में दबी हुई है।
सवाईमाधोपुर। जिला मुख्यालय स्थित हवाई पट्टी के विस्तार की योजना लंबे समय से फाइलों में दबी हुई है। करीब दो वर्ष पूर्व सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इसके लिए सरकार को बजट प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब तक अनुमति नहीं मिलने के कारण मामला अटका हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि आखिर हवाई पट्टी विस्तार को सरकारी मंजूरी कब मिलेगी?
हवाई पट्टी विस्तार अटकने से रणथंभौर आने वाले पर्यटकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हवाई पट्टी विस्तार के लिए 3,465 लाख रुपए का बजट प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया था। यदि बजट स्वीकृत हो जाता तो रनवे की लंबाई बढ़ाने के साथ ही अन्य सुविधाओं में भी सुधार होता। लेकिन अनुमति और बजट जारी न होने से योजना ठप पड़ी है।
पर्यटन की दृष्टि से यह हवाई पट्टी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान के कारण सवाईमाधोपुर को ‘बाघों की नगरी’ के नाम से जाना जाता है। यहां वर्षभर देशी-विदेशी पर्यटकों की आवाजाही रहती है। यदि हवाई सेवा पूरी तरह शुरू हो जाए तो पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और इससे वन विभाग व नगर परिषद की आय भी बढ़ेगी।
स्थानीय नागरिक भी लंबे समय से इस सुविधा की मांग कर रहे हैं। हवाई पट्टी विस्तार को लेकर कई बार योजनाएं बनीं और उच्चाधिकारियों की ओर से सर्वे व निरीक्षण भी किए गए, लेकिन अब तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। जिसके चलते स्थानीय लोगों में भी आक्रोश व्याप्त है।
सवाईमाधोपुर में हवाई पट्टी का विस्तार होने से यहां एटीआर-40 ही नहीं एटीआर-72 सीटर विमान भी उतर पाते। साथ ही हवाई पट्टी का सीधे दिल्ली व जयपुर से एयर कनेक्टिविटी हो पाती। इससे रणथंभौर आने वाले सैलानियों को फायदा होगा। इसके अलावा सवाईमाधोपुर जिले के व्यापार वर्ग से जुड़े लोग भी एयर सुविधाओं का लाभ ले पाते।
विभाग की ओर से प्रस्ताव पूर्व में भेजा जा चुका है, लेकिन सरकार से अनुमति और बजट न मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो सका है।
-गोविंदसहाय मीणा, अधीक्षण अभियंता, सानिवि सवाईमाधोपुर।